Correct Answer:
Option D - नाथ संम्प्रदाय में बौद्ध, शैव तथा योग की परम्पराओं का समन्वय दिखाई देता है। इसके संस्थापक मत्स्येन्द्रनाथ थे। नाथ साधु परिव्राजक होते हैं। वे भगवा रंग के बिना सिले वस्त्र धारण करते हैं। ये योगी अपने गले में काली ऊन जनेऊ धारण करते हैं, जिसे सिल कहते हैं। ये गले में एक सींग की नादी रखते हैं। इनके एक हाथ में चमटा, दूसरे हाथ में कमण्डल, दोनों कानों में कुण्डल, कमर में कमरबन्द धारण करते है।
D. नाथ संम्प्रदाय में बौद्ध, शैव तथा योग की परम्पराओं का समन्वय दिखाई देता है। इसके संस्थापक मत्स्येन्द्रनाथ थे। नाथ साधु परिव्राजक होते हैं। वे भगवा रंग के बिना सिले वस्त्र धारण करते हैं। ये योगी अपने गले में काली ऊन जनेऊ धारण करते हैं, जिसे सिल कहते हैं। ये गले में एक सींग की नादी रखते हैं। इनके एक हाथ में चमटा, दूसरे हाथ में कमण्डल, दोनों कानों में कुण्डल, कमर में कमरबन्द धारण करते है।