Correct Answer:
Option D - राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को राष्ट्र्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2010 के तहत पर्यावरण संरक्षण और वनों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटान के लिए की गई थी। यह अधिकरण व्यक्तियों और सम्पत्तियों और उनसे जुड़े हुए या उससे संबंधित मामलों में हुए नुकसान (हानि) के लिए राहत और मुआवजा देने पर विचार कर सकता है। यह पर्यावरण संरक्षण तथा वनों के संरक्षण से सम्बन्धित मामलों के प्रभावी एवं शीघ्र निपटान की व्याख्या करता है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम, 2010 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार, जीवन के अधिकार के अन्तर्गत शामिल किया है।
D. राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को राष्ट्र्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2010 के तहत पर्यावरण संरक्षण और वनों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटान के लिए की गई थी। यह अधिकरण व्यक्तियों और सम्पत्तियों और उनसे जुड़े हुए या उससे संबंधित मामलों में हुए नुकसान (हानि) के लिए राहत और मुआवजा देने पर विचार कर सकता है। यह पर्यावरण संरक्षण तथा वनों के संरक्षण से सम्बन्धित मामलों के प्रभावी एवं शीघ्र निपटान की व्याख्या करता है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम, 2010 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार, जीवन के अधिकार के अन्तर्गत शामिल किया है।