Correct Answer:
Option B - महात्मा गाँधी जनवरी, 1915ई. में दक्षिण अफ्रीका से वापस भारत आए। 1915 ई. में ही उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद जिले में साबरमती आश्रम की स्थापना की। सन् 1917 ई. में राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर बिहार के चम्पारन जिले में अंग्रेजी बागान मालिकों के द्वारा नील किसानों के शोषण के खिलाफ प्रथम सफल सत्याग्रह का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। यह गाँधी जी का भारत में सत्याग्रह का प्रथम प्रयोग था। इसके बाद फरवरी या मार्च, 1918 ई. में अहमदाबाद मिल मजदूरों की हड़ताल का नेतृत्व किया। इसी अहमदाबाद मिल मजदूर हड़ताल का नेतृत्व करते हुए ही गाँधी जी ने सर्वप्रथम `भूख हड़ताल' नामक सत्याग्रह के अस्त्र का प्रयोग किया था। उसके पश्चात् 22 मार्च, 1918 ई. को खेड़ा (गुजरात) में लगान वृद्धि रोकने के आंदोलन का सफल नेतृत्व किया था। असहयोग आन्दोलन की अवधि 1920-22 ई. थी।
B. महात्मा गाँधी जनवरी, 1915ई. में दक्षिण अफ्रीका से वापस भारत आए। 1915 ई. में ही उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद जिले में साबरमती आश्रम की स्थापना की। सन् 1917 ई. में राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर बिहार के चम्पारन जिले में अंग्रेजी बागान मालिकों के द्वारा नील किसानों के शोषण के खिलाफ प्रथम सफल सत्याग्रह का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। यह गाँधी जी का भारत में सत्याग्रह का प्रथम प्रयोग था। इसके बाद फरवरी या मार्च, 1918 ई. में अहमदाबाद मिल मजदूरों की हड़ताल का नेतृत्व किया। इसी अहमदाबाद मिल मजदूर हड़ताल का नेतृत्व करते हुए ही गाँधी जी ने सर्वप्रथम `भूख हड़ताल' नामक सत्याग्रह के अस्त्र का प्रयोग किया था। उसके पश्चात् 22 मार्च, 1918 ई. को खेड़ा (गुजरात) में लगान वृद्धि रोकने के आंदोलन का सफल नेतृत्व किया था। असहयोग आन्दोलन की अवधि 1920-22 ई. थी।