Correct Answer:
Option B - शाहआलम द्वितीय 1772 ई में मराठों के संरक्षण में दिल्ली पहुंचा तथा 1803 ई तक उनका संरक्षण स्वीकार किया। गुलाम-कादिर ने 1788 ई में शाहआलम द्वितीय को अन्धा बना दिया। 1803 ई में अंग्रेज सेनापति लेक ने दौलत राव सिंधिया को पराजित किया तथा शाहआलम द्वितीय ने अंग्रेजों की अधीनता स्वीकार कर लिया। इस तरह दिल्ली पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया तथा मुगल सम्राट अंग्रेजों के पेंशनर बन गए। इस तरह से अंग्रेजों का पहला पेंशनभोगी मुगलबादशाह शाह आलम द्वितीय है।
B. शाहआलम द्वितीय 1772 ई में मराठों के संरक्षण में दिल्ली पहुंचा तथा 1803 ई तक उनका संरक्षण स्वीकार किया। गुलाम-कादिर ने 1788 ई में शाहआलम द्वितीय को अन्धा बना दिया। 1803 ई में अंग्रेज सेनापति लेक ने दौलत राव सिंधिया को पराजित किया तथा शाहआलम द्वितीय ने अंग्रेजों की अधीनता स्वीकार कर लिया। इस तरह दिल्ली पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया तथा मुगल सम्राट अंग्रेजों के पेंशनर बन गए। इस तरह से अंग्रेजों का पहला पेंशनभोगी मुगलबादशाह शाह आलम द्वितीय है।