Correct Answer:
Option B - स्नेहक–सापेक्ष गति करने वाले दो तलों के बीच घर्षण प्रतिरोध को कम करने के लिए स्नेहन किया जाता है तथा स्नेहन की क्रिया में उपयुक्त पदार्थ स्नेहक कहलाता है।
स्नेहकों का वर्गीकरण–स्नेहकों की भौतिक अवस्था के आधार पर निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया गया है–
(1) द्रव स्नेहक–खनिज तेल, पशु तथा वनस्पति तेल, संश्लिष्ट तेल आदि।
(2) अर्ध द्रव या अर्ध ठोस स्नेहक– ग्रीस, गाढ़ा खनिज तेल आदि।
(3) ठोस स्नेहक–ग्रेफाइट, मालिबडिनम–डाई–सल्फाइड, लेड ऑक्साइड, अभ्रक (Mica), मोम, साबुन, सोपस्टोन, प्लास्टिक आदि। इसमें ग्रेफाइट मुख्य है, जिसका उपयोग ज्यादातर किया जाता है।
(4) गैस स्नेहक–वायु, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन आदि।
B. स्नेहक–सापेक्ष गति करने वाले दो तलों के बीच घर्षण प्रतिरोध को कम करने के लिए स्नेहन किया जाता है तथा स्नेहन की क्रिया में उपयुक्त पदार्थ स्नेहक कहलाता है।
स्नेहकों का वर्गीकरण–स्नेहकों की भौतिक अवस्था के आधार पर निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया गया है–
(1) द्रव स्नेहक–खनिज तेल, पशु तथा वनस्पति तेल, संश्लिष्ट तेल आदि।
(2) अर्ध द्रव या अर्ध ठोस स्नेहक– ग्रीस, गाढ़ा खनिज तेल आदि।
(3) ठोस स्नेहक–ग्रेफाइट, मालिबडिनम–डाई–सल्फाइड, लेड ऑक्साइड, अभ्रक (Mica), मोम, साबुन, सोपस्टोन, प्लास्टिक आदि। इसमें ग्रेफाइट मुख्य है, जिसका उपयोग ज्यादातर किया जाता है।
(4) गैस स्नेहक–वायु, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन आदि।