Explanations:
जो ईंट वजन में हल्की होती है, ऊष्मा संचरण ध्वनि और नमी कम रहती है उसे खोखली ईंट कहते हैं। इन्हें कोटर ईंट और कोशिकीय ईंट भी कहते हैं। यह ईंटें भीतर से खोखली होती है। खोखले भाग का आयतन ईंट के कुल आयतन का 50% से अधिक नहीं होना चाहिए। यह ईंट भार में हल्की तथा ऊष्मा व सीलन रोधी होती है और विशेष तौर पर विभाजक व खोखली दीवारों के लिए प्रयोग की जाती है। यह ईंट ध्वनि रोधन (Sound insulation) के लिये भी इस्तेमाल की जाती है।