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Q: Which one of the following factors is considered for the orientation of the buildings?
  • A. The direction of the prevailing wind in the area/क्षेत्र में प्रभावी पवन की दिशा
  • B. The exposure of the walls and roof of the building to the rays of the sun/भवनो की दीवारों तथा छतों का सूरज की किरणों की ओर अनावरण
  • C. The extent up to which the sun rays penetrate with the verandah/सूरज की किरणें वरांदा को भेद सके वहां तक फैलाव
  • D. All of these/यह सभी
Correct Answer: Option D - भवनों के अभिविन्यास के लिए निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है– (i) क्षेत्र में प्रभावी पवन की दिशा। (ii) भवनों की दीवारें तथा छतों का सूरज की किरणों की ओर अनावरण। (iii) सूरज की किरणें बरामदे तक आसानी से पहॅुंच सके । (iv) उत्तम दिक् विन्यास से वहाँ प्रकृति की देन वायु, धूप, वर्षा तथा प्रकाश का अधिकतम लाभ उठाया जा सकता है।
D. भवनों के अभिविन्यास के लिए निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है– (i) क्षेत्र में प्रभावी पवन की दिशा। (ii) भवनों की दीवारें तथा छतों का सूरज की किरणों की ओर अनावरण। (iii) सूरज की किरणें बरामदे तक आसानी से पहॅुंच सके । (iv) उत्तम दिक् विन्यास से वहाँ प्रकृति की देन वायु, धूप, वर्षा तथा प्रकाश का अधिकतम लाभ उठाया जा सकता है।

Explanations:

भवनों के अभिविन्यास के लिए निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है– (i) क्षेत्र में प्रभावी पवन की दिशा। (ii) भवनों की दीवारें तथा छतों का सूरज की किरणों की ओर अनावरण। (iii) सूरज की किरणें बरामदे तक आसानी से पहॅुंच सके । (iv) उत्तम दिक् विन्यास से वहाँ प्रकृति की देन वायु, धूप, वर्षा तथा प्रकाश का अधिकतम लाभ उठाया जा सकता है।