Correct Answer:
Option D - सांकेतिक संप्रेषण - जब सूचना से संबंधित अवधारणा के अनुकूलन भाव बनकर अंगों के संचालन एवं संकेत द्वारा सूचना प्रदान की जाती है तो वह सांकेतिक संप्रेषण कहलाता है। जैसे - कक्षा में किसी छात्र को संकेत से बैठ जाना या खड़े होने का आदेश देना, चिन्ह, हाव - भाव इत्यादि।
D. सांकेतिक संप्रेषण - जब सूचना से संबंधित अवधारणा के अनुकूलन भाव बनकर अंगों के संचालन एवं संकेत द्वारा सूचना प्रदान की जाती है तो वह सांकेतिक संप्रेषण कहलाता है। जैसे - कक्षा में किसी छात्र को संकेत से बैठ जाना या खड़े होने का आदेश देना, चिन्ह, हाव - भाव इत्यादि।