Correct Answer:
Option B - राजराजा प्रथम के बाद उसका पुत्र राजेन्द्र प्रथम सिंहासन पर बैठा और वह अपने पिता की भाँति एक महान विजेता सिद्ध हुआ। राजेन्द्र प्रथम ने भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी विजय पताका फहराने के उपरान्त दक्षिण-पूर्व एशिया में सैन्य अभियान किया। तिरुवालंगाडु ताम्रपत्र अभिलेख के अनुसार राजेन्द्र प्रथम की जहाजी बेड़ा ने समुद्र पार करके श्री विजय साम्राज्य की राजधानी कताह या कडारम (सुमात्रा) को जीत लिया और वहाँ के शासक संग्राम विजयोतुंगवर्मन को बन्दी बना लिया। राजेन्द्र प्रथम ने कडारम विजय के उपलक्ष्य में कडारकोंड की उपाधि धारण की। श्री विजय साम्राज्य पर जीत के क्रम में उसने कडारम के अतिरिक्त पण्णई मलइयूर, मप्पपिरुडिंगम, इलंगाशोक आदि नगरों पर अधिकार कर लिया। ये सारे स्थान मलाया प्रायद्वीप में स्थित थे। .
B. राजराजा प्रथम के बाद उसका पुत्र राजेन्द्र प्रथम सिंहासन पर बैठा और वह अपने पिता की भाँति एक महान विजेता सिद्ध हुआ। राजेन्द्र प्रथम ने भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी विजय पताका फहराने के उपरान्त दक्षिण-पूर्व एशिया में सैन्य अभियान किया। तिरुवालंगाडु ताम्रपत्र अभिलेख के अनुसार राजेन्द्र प्रथम की जहाजी बेड़ा ने समुद्र पार करके श्री विजय साम्राज्य की राजधानी कताह या कडारम (सुमात्रा) को जीत लिया और वहाँ के शासक संग्राम विजयोतुंगवर्मन को बन्दी बना लिया। राजेन्द्र प्रथम ने कडारम विजय के उपलक्ष्य में कडारकोंड की उपाधि धारण की। श्री विजय साम्राज्य पर जीत के क्रम में उसने कडारम के अतिरिक्त पण्णई मलइयूर, मप्पपिरुडिंगम, इलंगाशोक आदि नगरों पर अधिकार कर लिया। ये सारे स्थान मलाया प्रायद्वीप में स्थित थे। .