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Q: Which one among the following statements is correct?/निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है? d the sepoys March to Delhi मंगल पाण्डे ने दिल्ली की ओर सिपाही अभियान का नेतृत्व किया
  • A. The Revolt of 1857 was not supported by the Nizam of Hyderabad/1857 का विद्रोह हैदराबाद के नि़जाम द्वारा समर्थित नहीं था
  • B. Dinabandhu Mitra was the author of the book, Unhappy India अनहैपी इंडिया पुस्तक के लेखक दीनबन्धु मित्र थे
  • C. The Sindhias of Gwalior gave shelter to the Rani of Jhansi/झाँसी की रानी को ग्वालियर के सिंधिया घराने ने शरण दी थी
  • D. Mangal Pandey led the sepoys March to Delhi मंगल पाण्डे ने दिल्ली की ओर सिपाही अभियान का नेतृत्व किया
Correct Answer: Option A - अंग्रेज, राजपूत राज्यों में 1857 ई. के विद्रोह को दबाने में सफल रहे- इसका प्रमुख कारण स्थानीय शासकों द्वारा क्रांतिकारियों का साथ न देना भी था। एक तरफ जहाँ अवध, रुहेलखण्ड और झाँसी के राजाओं (निजाम) तथा अन्य उत्तरी भारत के सामन्तवादी तत्वों ने विद्रोह का नेतृत्व किया, वहीं दूसरी तरफ पटियाला, जींद, ग्वालियर और हैदराबाद के राजाओं ने इस विद्रोह के दमन में अंग्रेजों की सहायता की। विद्रोह के समय कैनिंग ने कहा था, ``यदि सिन्धिया भी विद्रोह में सम्मिलित हो जाए, तो मुझे कल ही बिस्तर गोल करना होगा।'' इस विद्रोह में जमींदार, साहूकार, शिक्षित मध्यम वर्ग ने भी भाग नहीं लिया था।
A. अंग्रेज, राजपूत राज्यों में 1857 ई. के विद्रोह को दबाने में सफल रहे- इसका प्रमुख कारण स्थानीय शासकों द्वारा क्रांतिकारियों का साथ न देना भी था। एक तरफ जहाँ अवध, रुहेलखण्ड और झाँसी के राजाओं (निजाम) तथा अन्य उत्तरी भारत के सामन्तवादी तत्वों ने विद्रोह का नेतृत्व किया, वहीं दूसरी तरफ पटियाला, जींद, ग्वालियर और हैदराबाद के राजाओं ने इस विद्रोह के दमन में अंग्रेजों की सहायता की। विद्रोह के समय कैनिंग ने कहा था, ``यदि सिन्धिया भी विद्रोह में सम्मिलित हो जाए, तो मुझे कल ही बिस्तर गोल करना होगा।'' इस विद्रोह में जमींदार, साहूकार, शिक्षित मध्यम वर्ग ने भी भाग नहीं लिया था।

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अंग्रेज, राजपूत राज्यों में 1857 ई. के विद्रोह को दबाने में सफल रहे- इसका प्रमुख कारण स्थानीय शासकों द्वारा क्रांतिकारियों का साथ न देना भी था। एक तरफ जहाँ अवध, रुहेलखण्ड और झाँसी के राजाओं (निजाम) तथा अन्य उत्तरी भारत के सामन्तवादी तत्वों ने विद्रोह का नेतृत्व किया, वहीं दूसरी तरफ पटियाला, जींद, ग्वालियर और हैदराबाद के राजाओं ने इस विद्रोह के दमन में अंग्रेजों की सहायता की। विद्रोह के समय कैनिंग ने कहा था, ``यदि सिन्धिया भी विद्रोह में सम्मिलित हो जाए, तो मुझे कल ही बिस्तर गोल करना होगा।'' इस विद्रोह में जमींदार, साहूकार, शिक्षित मध्यम वर्ग ने भी भाग नहीं लिया था।