Correct Answer:
Option A - अंग्रेज, राजपूत राज्यों में 1857 ई. के विद्रोह को दबाने में सफल रहे- इसका प्रमुख कारण स्थानीय शासकों द्वारा क्रांतिकारियों का साथ न देना भी था। एक तरफ जहाँ अवध, रुहेलखण्ड और झाँसी के राजाओं (निजाम) तथा अन्य उत्तरी भारत के सामन्तवादी तत्वों ने विद्रोह का नेतृत्व किया, वहीं दूसरी तरफ पटियाला, जींद, ग्वालियर और हैदराबाद के राजाओं ने इस विद्रोह के दमन में अंग्रेजों की सहायता की। विद्रोह के समय कैनिंग ने कहा था, ``यदि सिन्धिया भी विद्रोह में सम्मिलित हो जाए, तो मुझे कल ही बिस्तर गोल करना होगा।'' इस विद्रोह में जमींदार, साहूकार, शिक्षित मध्यम वर्ग ने भी भाग नहीं लिया था।
A. अंग्रेज, राजपूत राज्यों में 1857 ई. के विद्रोह को दबाने में सफल रहे- इसका प्रमुख कारण स्थानीय शासकों द्वारा क्रांतिकारियों का साथ न देना भी था। एक तरफ जहाँ अवध, रुहेलखण्ड और झाँसी के राजाओं (निजाम) तथा अन्य उत्तरी भारत के सामन्तवादी तत्वों ने विद्रोह का नेतृत्व किया, वहीं दूसरी तरफ पटियाला, जींद, ग्वालियर और हैदराबाद के राजाओं ने इस विद्रोह के दमन में अंग्रेजों की सहायता की। विद्रोह के समय कैनिंग ने कहा था, ``यदि सिन्धिया भी विद्रोह में सम्मिलित हो जाए, तो मुझे कल ही बिस्तर गोल करना होगा।'' इस विद्रोह में जमींदार, साहूकार, शिक्षित मध्यम वर्ग ने भी भाग नहीं लिया था।