Correct Answer:
Option A - परागकण जीवाश्म के रूप में सुरक्षित रहता है। पराग-कण का बाहरी स्तर एक्जाइन (Exine) होता है जो उच्च प्रतिरोधी वसीय पदार्थ स्पोरोलेनिन का बना होता है। स्पोरोलेनिन किसी एन्जाइम से नष्ट नहीं होता है और न ही उच्च ताप व सान्ध्र अम्ल का उस पर प्रभाव पड़ता है और न सड़ता है यही कारण है कि पराग कण जीवाश्म के रूप में काफी समय तक सुरक्षित रहते हैं।
A. परागकण जीवाश्म के रूप में सुरक्षित रहता है। पराग-कण का बाहरी स्तर एक्जाइन (Exine) होता है जो उच्च प्रतिरोधी वसीय पदार्थ स्पोरोलेनिन का बना होता है। स्पोरोलेनिन किसी एन्जाइम से नष्ट नहीं होता है और न ही उच्च ताप व सान्ध्र अम्ल का उस पर प्रभाव पड़ता है और न सड़ता है यही कारण है कि पराग कण जीवाश्म के रूप में काफी समय तक सुरक्षित रहते हैं।