Correct Answer:
Option C - गर्भ में भ्रूण के विकास को जानने के लिए पराध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है। भ्रूण के विकास को जानने की इस प्रक्रिया को अल्ट्रासोनोग्राफी कहते हैं। अल्ट्रासोनोग्राफी में अल्ट्रासोनिक वेव (पराध्वनि तरंगों) का इस्तेमाल होता है। ये उच्च आवृत्ति वाली तरंगें (20000 Hz से ऊपर) होती हैं तथा इनके अन्य प्रयोग लिवर, किडनी, पेट, दिल की जांच करने में तथा घड़ी, विमानों एवं कीमती कपड़ों की सफाई में, सोनार में तथा हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने आदि में होता है।
C. गर्भ में भ्रूण के विकास को जानने के लिए पराध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है। भ्रूण के विकास को जानने की इस प्रक्रिया को अल्ट्रासोनोग्राफी कहते हैं। अल्ट्रासोनोग्राफी में अल्ट्रासोनिक वेव (पराध्वनि तरंगों) का इस्तेमाल होता है। ये उच्च आवृत्ति वाली तरंगें (20000 Hz से ऊपर) होती हैं तथा इनके अन्य प्रयोग लिवर, किडनी, पेट, दिल की जांच करने में तथा घड़ी, विमानों एवं कीमती कपड़ों की सफाई में, सोनार में तथा हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने आदि में होता है।