Correct Answer:
Option A - सन् 1947ई० में मल्हार राव प्रथम ने रजवाड़ा महल की नींव रखी थी। 6174 वर्गमीटर जमीन पर संगमरमर, लकड़ी, ईंट, मिट्टी गारे की मदद से फ्रेंच शैली का उपयोग करते हुए इस भव्य महल की नींव डाली गई। 1761 में मल्हार अब्दाली से जंग में हार गयेंं युद्ध के बाद से उनकी तबीयत खराब रहने लगी तथा राजवाड़ा का निर्माण बीच में ही रुक गया।
सन् 1766 ई० में उनका निधन हो गया लेकिन इसके कुछ समय बाद होल्करों का यह रजवाड़ा महल बनकर तैयार हुआ एवं इसका उत्तराधिकार मल्हारराव की पुत्रवधू अहिल्या बाई को मिला।
A. सन् 1947ई० में मल्हार राव प्रथम ने रजवाड़ा महल की नींव रखी थी। 6174 वर्गमीटर जमीन पर संगमरमर, लकड़ी, ईंट, मिट्टी गारे की मदद से फ्रेंच शैली का उपयोग करते हुए इस भव्य महल की नींव डाली गई। 1761 में मल्हार अब्दाली से जंग में हार गयेंं युद्ध के बाद से उनकी तबीयत खराब रहने लगी तथा राजवाड़ा का निर्माण बीच में ही रुक गया।
सन् 1766 ई० में उनका निधन हो गया लेकिन इसके कुछ समय बाद होल्करों का यह रजवाड़ा महल बनकर तैयार हुआ एवं इसका उत्तराधिकार मल्हारराव की पुत्रवधू अहिल्या बाई को मिला।