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Q: Which of the following Vedic term do not denoteagricutural tools?/निम्नलिखित वैदिक शब्दों में कौन-सा शब्द कृषि उपकरण का द्योतक नहीं है?
  • A. Charshini/चर्षिणी
  • B. Langal/लांगल
  • C. Vrika/वृक
  • D. Seer/सीर
Correct Answer: Option A - वैदिक युग में आर्थिक जीवन का मुख्य आधार कृषि एवं पशुपालन था। यजुर्वेद के मंत्रों में विभिन्न अन्नों के नाम जैसे व्रीहि, यव, धान्य आदि वर्णित हैं। शतपथ ब्राह्मण में खेती की विभिन्न प्रक्रियाओं का वर्णन है जेैसे कर्षण (जुताई) वपन (बुवाई) लुनन (मड़ाई) चर्षिणी आदि। वेदों में लांगल, वृक, हल का पर्याय शब्द है। यजुर्वेद में हल के लिए सीर शब्द का प्रयोग किया गया है। गोबर की खाद के लिये कर्षप शब्द का प्रयोग है। चर्षिणी शब्द का प्रयोग इसी के लिए किया गया है। सीता शब्द का प्रयोग हल से बनी नालियों या कूँड़ के लिए होता था।
A. वैदिक युग में आर्थिक जीवन का मुख्य आधार कृषि एवं पशुपालन था। यजुर्वेद के मंत्रों में विभिन्न अन्नों के नाम जैसे व्रीहि, यव, धान्य आदि वर्णित हैं। शतपथ ब्राह्मण में खेती की विभिन्न प्रक्रियाओं का वर्णन है जेैसे कर्षण (जुताई) वपन (बुवाई) लुनन (मड़ाई) चर्षिणी आदि। वेदों में लांगल, वृक, हल का पर्याय शब्द है। यजुर्वेद में हल के लिए सीर शब्द का प्रयोग किया गया है। गोबर की खाद के लिये कर्षप शब्द का प्रयोग है। चर्षिणी शब्द का प्रयोग इसी के लिए किया गया है। सीता शब्द का प्रयोग हल से बनी नालियों या कूँड़ के लिए होता था।

Explanations:

वैदिक युग में आर्थिक जीवन का मुख्य आधार कृषि एवं पशुपालन था। यजुर्वेद के मंत्रों में विभिन्न अन्नों के नाम जैसे व्रीहि, यव, धान्य आदि वर्णित हैं। शतपथ ब्राह्मण में खेती की विभिन्न प्रक्रियाओं का वर्णन है जेैसे कर्षण (जुताई) वपन (बुवाई) लुनन (मड़ाई) चर्षिणी आदि। वेदों में लांगल, वृक, हल का पर्याय शब्द है। यजुर्वेद में हल के लिए सीर शब्द का प्रयोग किया गया है। गोबर की खाद के लिये कर्षप शब्द का प्रयोग है। चर्षिणी शब्द का प्रयोग इसी के लिए किया गया है। सीता शब्द का प्रयोग हल से बनी नालियों या कूँड़ के लिए होता था।