Correct Answer:
Option A - कोपरा, वयामा और विरयाना सभी केन की सहायक नदियाँ हैं। केन नदी का उद्गम कटनी जिले की रीठी तहसील के समीप कैमूर पहाड़ी से हुआ है। यह पन्ना जिले के दक्षिणी क्षेत्र में प्रवेश करने के पश्चात पन्ना और छतरपुर जिले की सीमा बनाती हुई बाँदा (उत्तर प्रदेश) जिले में प्रवेश करती है तथा यहीं पर चिला गाँव के समीप भोजहा नामक स्थान पर यमुना नदी से मिल जाती है। पाण्डव जलप्रपात का निर्माण भी केन तथा इसकी सहायक नदियों में हुआ है। केन नदी में शजर नामक बहुमूल्य पत्थर पाया जाता है। केन नदी के अन्य नाम शुक्तिमती, दिर्णावती, कर्णवती, कैनास हैं।
A. कोपरा, वयामा और विरयाना सभी केन की सहायक नदियाँ हैं। केन नदी का उद्गम कटनी जिले की रीठी तहसील के समीप कैमूर पहाड़ी से हुआ है। यह पन्ना जिले के दक्षिणी क्षेत्र में प्रवेश करने के पश्चात पन्ना और छतरपुर जिले की सीमा बनाती हुई बाँदा (उत्तर प्रदेश) जिले में प्रवेश करती है तथा यहीं पर चिला गाँव के समीप भोजहा नामक स्थान पर यमुना नदी से मिल जाती है। पाण्डव जलप्रपात का निर्माण भी केन तथा इसकी सहायक नदियों में हुआ है। केन नदी में शजर नामक बहुमूल्य पत्थर पाया जाता है। केन नदी के अन्य नाम शुक्तिमती, दिर्णावती, कर्णवती, कैनास हैं।