Correct Answer:
Option D - नदी अन्तर्ग्राही: नदी के भीतरी किनारे के पास, जहाँ पानी की धारा सीधी बहती हो और ग्रीष्म ऋतु में भी पानी उपलब्ध रहता हो, यह अन्तर्ग्राही बनाया जाता है। गीले कुएँ या संग्रह कूप की भीतरी दीवार में कई ऊर्ध्वाधर छिद्र रखे जाते हैं जिनमें पेन स्टाक लगाये जाते हैं। पेन स्टॉक के मुख पर छन्नक लगाया जाता है ताकि तैरती हुई अशुद्धियाँ घास-पात जल-प्राणी आदि पाइप में न घुस आये और पम्प व मोटर को क्षति पहुचायें।
∎ नदी अन्तर्ग्राही में एक झंझरी और एक नाबदान या गुरूत्वाकर्षण कुआँ शामिल होता है।
D. नदी अन्तर्ग्राही: नदी के भीतरी किनारे के पास, जहाँ पानी की धारा सीधी बहती हो और ग्रीष्म ऋतु में भी पानी उपलब्ध रहता हो, यह अन्तर्ग्राही बनाया जाता है। गीले कुएँ या संग्रह कूप की भीतरी दीवार में कई ऊर्ध्वाधर छिद्र रखे जाते हैं जिनमें पेन स्टाक लगाये जाते हैं। पेन स्टॉक के मुख पर छन्नक लगाया जाता है ताकि तैरती हुई अशुद्धियाँ घास-पात जल-प्राणी आदि पाइप में न घुस आये और पम्प व मोटर को क्षति पहुचायें।
∎ नदी अन्तर्ग्राही में एक झंझरी और एक नाबदान या गुरूत्वाकर्षण कुआँ शामिल होता है।