Correct Answer:
Option A - पश्चिम तटीय मैदान गुजरात से कन्याकुमारी के तटीय क्षेत्रों में विस्तृत है। यह एक संकीर्ण जलोढ़ पट्टी है जिसमें बीच-बीच में पहाड़ी भू-भाग है। यह निमग्न तटीय मैदान का एक उदाहरण है। यह पत्तनों के विकास के लिए प्राकृतिक दशाएँ प्रदान करता है। पश्चिमी घाट से अरब सागर की तरफ बहने वाली नर्मदा तथा तापी जैसी नदियां डेल्टा नहीं बनाती हैं। ये पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं। भ्रंश-घाटियों से होकर प्रवाहित होती हैं जिससे इनमें जलोढ़ तथा डेल्टाई निक्षेपों की कमी होती है। ठोस पठारी भाग से प्रवाहित होने के कारण इन नदियों का मार्ग सीधा तथा सामान्यत: रैखिक होता है।
A. पश्चिम तटीय मैदान गुजरात से कन्याकुमारी के तटीय क्षेत्रों में विस्तृत है। यह एक संकीर्ण जलोढ़ पट्टी है जिसमें बीच-बीच में पहाड़ी भू-भाग है। यह निमग्न तटीय मैदान का एक उदाहरण है। यह पत्तनों के विकास के लिए प्राकृतिक दशाएँ प्रदान करता है। पश्चिमी घाट से अरब सागर की तरफ बहने वाली नर्मदा तथा तापी जैसी नदियां डेल्टा नहीं बनाती हैं। ये पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं। भ्रंश-घाटियों से होकर प्रवाहित होती हैं जिससे इनमें जलोढ़ तथा डेल्टाई निक्षेपों की कमी होती है। ठोस पठारी भाग से प्रवाहित होने के कारण इन नदियों का मार्ग सीधा तथा सामान्यत: रैखिक होता है।