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Q: Which of the following statements regarding, measurement of horizontal angles by theodolite are correct? थियोडोलाइट द्वारा क्षैतिज कोणों के मापन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही- i. Errors due to adjustments of line of collimation and the trunnion axis are eliminated by taking both face readings. /कोलिमेशन रेखा और ट्रूनियन अक्ष के समायोजन के कारण होने वाली त्रुटियाँ दोनों फेस रीडि़ग लेने से समाप्त हो जाती है। ii. Errors due to eccentricity of verniers and centres are eliminated by taking both face readings./वर्नियर और केन्द्रों की उत्केन्द्रता के कारण त्रुटियाँ दोनों फेस रीडि़ग लेने से समाप्त हो जाती है। iii. Closing the horizon is a process related to reiteration method of measurement of horizontal angle./क्षितिज को बंद करना क्षैतिज कोण के मापन की पुनरावृत्ति विधि से संबंधित प्रक्रिया है। iv. In closing the horizon process, the sum of angles is taken. This sum must be equal to 540°./ क्षितिज प्रक्रिया को बंद करने में, कोणों का योग लिया जाता है। यह योग 540º के बराबर होना चाहिए।
  • A. ii and iii
  • B. i and iii
  • C. ii and iv
  • D. i and iv
Correct Answer: Option B - थियोडोलाइट की दोनों फलकों से उसी लक्ष्य का प्रेक्षण करने पर उपकरण की दोषपूर्ण समायोजन के कारण उत्पन्न निम्न त्रुटियाँ स्वयं ही दूर हो जाती है- (i) संधान रेखा व ट्रूनियन अक्ष के समायोजन न होने के कारण (ii) दूरबीन की क्षैतिज रेखा का संधान रेखा (Line of collimation)के सम्पाती न होने के कारण (iii) दूरबीन की क्षैतिज अक्ष का उपकरण की ऊध्र्वाधर अक्ष के लम्ब न होने के कारण पुनरुक्ति विधि (Reiteration method)– इसे क्षितिज को बन्द करना (closing of Horizom) भी कहते हैं। इस विधि में अनुक्रमण में सभी कोणों का मापन करते हुये उसी रेखा पर लौट आते हैं, जहाँ से कार्य प्रारम्भ किया गया था। इस प्रकार प्रेक्षक थियोडोलाइट का पूर्ण एक क्षैतिज चक्र 360º घूम जाता है।
B. थियोडोलाइट की दोनों फलकों से उसी लक्ष्य का प्रेक्षण करने पर उपकरण की दोषपूर्ण समायोजन के कारण उत्पन्न निम्न त्रुटियाँ स्वयं ही दूर हो जाती है- (i) संधान रेखा व ट्रूनियन अक्ष के समायोजन न होने के कारण (ii) दूरबीन की क्षैतिज रेखा का संधान रेखा (Line of collimation)के सम्पाती न होने के कारण (iii) दूरबीन की क्षैतिज अक्ष का उपकरण की ऊध्र्वाधर अक्ष के लम्ब न होने के कारण पुनरुक्ति विधि (Reiteration method)– इसे क्षितिज को बन्द करना (closing of Horizom) भी कहते हैं। इस विधि में अनुक्रमण में सभी कोणों का मापन करते हुये उसी रेखा पर लौट आते हैं, जहाँ से कार्य प्रारम्भ किया गया था। इस प्रकार प्रेक्षक थियोडोलाइट का पूर्ण एक क्षैतिज चक्र 360º घूम जाता है।

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थियोडोलाइट की दोनों फलकों से उसी लक्ष्य का प्रेक्षण करने पर उपकरण की दोषपूर्ण समायोजन के कारण उत्पन्न निम्न त्रुटियाँ स्वयं ही दूर हो जाती है- (i) संधान रेखा व ट्रूनियन अक्ष के समायोजन न होने के कारण (ii) दूरबीन की क्षैतिज रेखा का संधान रेखा (Line of collimation)के सम्पाती न होने के कारण (iii) दूरबीन की क्षैतिज अक्ष का उपकरण की ऊध्र्वाधर अक्ष के लम्ब न होने के कारण पुनरुक्ति विधि (Reiteration method)– इसे क्षितिज को बन्द करना (closing of Horizom) भी कहते हैं। इस विधि में अनुक्रमण में सभी कोणों का मापन करते हुये उसी रेखा पर लौट आते हैं, जहाँ से कार्य प्रारम्भ किया गया था। इस प्रकार प्रेक्षक थियोडोलाइट का पूर्ण एक क्षैतिज चक्र 360º घूम जाता है।