Correct Answer:
Option A - सम्पीडन में निपात की सीमा अवस्था की मान्यताएँ–
■ अक्षीय सम्पीडन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.002 लिया जाता है।
■ समतल खण्ड नमन के बाद भी समतल रहता है।
■ नमन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.0035 ली जाती है।
■ कंक्रीट की तनन सामर्थ्य को नगण्य माना जाता है।
■ कंक्रीट में प्रतिबल-विकृति वितरण के बीच सम्बन्ध को परवलयिक माना जाता है।
A. सम्पीडन में निपात की सीमा अवस्था की मान्यताएँ–
■ अक्षीय सम्पीडन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.002 लिया जाता है।
■ समतल खण्ड नमन के बाद भी समतल रहता है।
■ नमन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.0035 ली जाती है।
■ कंक्रीट की तनन सामर्थ्य को नगण्य माना जाता है।
■ कंक्रीट में प्रतिबल-विकृति वितरण के बीच सम्बन्ध को परवलयिक माना जाता है।