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Q: Which of the following statements is/are incorrect about the Assumption of Limit State of Collapse in Compression? संपीड़न में निपात की सीमा अवस्था की अविधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा गलत है/हैं? Statements:/ कथन : i. The maximum compressive strain in concrete in axial compression is taken as 0.0035. अक्षीय संपीडन में कंक्रीट में अधिकतम संपीडन विकृति 0.0035 ली जाती है। ii. The maximum strain in concrete at the outermost compression fiber is taken as 0.002, subjected to bending बंकन संपीडन के अधीन, बाह्यतम संपीडन फाइबर पर कंक्रीट में अधिकतम विकृति 0.002 ली जाती है। iii. Plane sections normal to the axis remain plane after bending./समतल खण्ड बंकन के पश्चात् अक्ष के लम्बवत समतल रहते है।
  • A. Both (i) and (ii)/ (i) और (ii) दोनों
  • B. Both (ii) and (iii) / (ii) और(iii) दोनों
  • C. Both (i) and (iii)/ (i) और(iii) दोनों
  • D. Only (iii)/ केवल (iii)
Correct Answer: Option A - सम्पीडन में निपात की सीमा अवस्था की मान्यताएँ– ■ अक्षीय सम्पीडन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.002 लिया जाता है। ■ समतल खण्ड नमन के बाद भी समतल रहता है। ■ नमन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.0035 ली जाती है। ■ कंक्रीट की तनन सामर्थ्य को नगण्य माना जाता है। ■ कंक्रीट में प्रतिबल-विकृति वितरण के बीच सम्बन्ध को परवलयिक माना जाता है।
A. सम्पीडन में निपात की सीमा अवस्था की मान्यताएँ– ■ अक्षीय सम्पीडन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.002 लिया जाता है। ■ समतल खण्ड नमन के बाद भी समतल रहता है। ■ नमन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.0035 ली जाती है। ■ कंक्रीट की तनन सामर्थ्य को नगण्य माना जाता है। ■ कंक्रीट में प्रतिबल-विकृति वितरण के बीच सम्बन्ध को परवलयिक माना जाता है।

Explanations:

सम्पीडन में निपात की सीमा अवस्था की मान्यताएँ– ■ अक्षीय सम्पीडन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.002 लिया जाता है। ■ समतल खण्ड नमन के बाद भी समतल रहता है। ■ नमन में कंक्रीट में अधिकतम सम्पीडन विकृति 0.0035 ली जाती है। ■ कंक्रीट की तनन सामर्थ्य को नगण्य माना जाता है। ■ कंक्रीट में प्रतिबल-विकृति वितरण के बीच सम्बन्ध को परवलयिक माना जाता है।