Correct Answer:
Option D - अपवाह को प्रभावित करने वाले कारक (Factor affecting Run-off) निम्न हैं-
(i) अपवाह का सीधा सम्बन्ध उस क्षेत्र की वर्षा से होता है। वर्षा की तीव्रता व अवधि जितनी अधिक होगी सतही जल उसी मात्रा से बहने लगेगा।
(ii) पन विभाजक रेखाओं से घिरा क्षेत्र जितना बड़ा होगा, स्पष्टत: अपवाह का मान भी उतना अधिक होगा।
(iii) यदि अपवाह क्षेत्र की आकृति पंखे (Fan shaped) जैसी है, तो अपवाह अधिक होगा क्योंकि इस आकृति में पोषक नालों एवं धाराओं की लम्बाई कम होती है। यदि अपवाह क्षेत्र की आकृति पत्तीनुमा (leaf shaped) जैसा है तो अपवाह कम होगा।
(iv) यदि अपवाह क्षेत्र बहुत अधिक ऊबड़-खाबड़ है अथवा उसमें गहरे गड्डे, झीलें, कटान जंगल आदि अधिक हैं तो उनमें पर्याप्त पानी रूक जाता है, जिससे अपवाह कम होता है।
(v) अपवाह क्षेत्र की ढ़ाल जितनी अधिक होगी, अपवाह उतना अधिक होगा।
(vi) यदि अपवाह क्षेत्र में पेड़-पौधे, घास-फूस अन्य वनस्पति अधिक है तो अपवाह कम होगा।
(vii) अपवाह क्षेत्र का तापक्रम अधिक होने, अवमृदा में रिसन होने से अपवाह कम होेगा।
D. अपवाह को प्रभावित करने वाले कारक (Factor affecting Run-off) निम्न हैं-
(i) अपवाह का सीधा सम्बन्ध उस क्षेत्र की वर्षा से होता है। वर्षा की तीव्रता व अवधि जितनी अधिक होगी सतही जल उसी मात्रा से बहने लगेगा।
(ii) पन विभाजक रेखाओं से घिरा क्षेत्र जितना बड़ा होगा, स्पष्टत: अपवाह का मान भी उतना अधिक होगा।
(iii) यदि अपवाह क्षेत्र की आकृति पंखे (Fan shaped) जैसी है, तो अपवाह अधिक होगा क्योंकि इस आकृति में पोषक नालों एवं धाराओं की लम्बाई कम होती है। यदि अपवाह क्षेत्र की आकृति पत्तीनुमा (leaf shaped) जैसा है तो अपवाह कम होगा।
(iv) यदि अपवाह क्षेत्र बहुत अधिक ऊबड़-खाबड़ है अथवा उसमें गहरे गड्डे, झीलें, कटान जंगल आदि अधिक हैं तो उनमें पर्याप्त पानी रूक जाता है, जिससे अपवाह कम होता है।
(v) अपवाह क्षेत्र की ढ़ाल जितनी अधिक होगी, अपवाह उतना अधिक होगा।
(vi) यदि अपवाह क्षेत्र में पेड़-पौधे, घास-फूस अन्य वनस्पति अधिक है तो अपवाह कम होगा।
(vii) अपवाह क्षेत्र का तापक्रम अधिक होने, अवमृदा में रिसन होने से अपवाह कम होेगा।