Correct Answer:
Option C - चिकित्सा अनुसंधान के अनुसार मौसम परिवर्तन से बड़े लोग साल में 2- 4 बार तथा बच्चे 5-7 बार पीडि़त होते हैं। यह मोटे तौर पर एक वर्ष के भीतर कई बार मौसम परिवर्तन के साथ मेल खाता है। हर बार जब व्यक्ति मौसम में बदलाव का निरीक्षण करता है तो वातावरण में एलर्जी की गिनती लगभग 200 वायरस तक हो जाती है। ये वायरस मौसम की वजह से लोगों में आने के लिए ज्यादातर जिम्मेदार होते हैं। इनके तहत गले में खराश, खाँसी, सिसकी, छींक आना, आँखों से पानी, तेज बुखार या माँसपेशियों में दर्द जैसे बिमारी होती है जिसका इलाज करने पर 2 या 3 दिन में आराम मिल जाता है। अत: तथा दोनों सही है।
C. चिकित्सा अनुसंधान के अनुसार मौसम परिवर्तन से बड़े लोग साल में 2- 4 बार तथा बच्चे 5-7 बार पीडि़त होते हैं। यह मोटे तौर पर एक वर्ष के भीतर कई बार मौसम परिवर्तन के साथ मेल खाता है। हर बार जब व्यक्ति मौसम में बदलाव का निरीक्षण करता है तो वातावरण में एलर्जी की गिनती लगभग 200 वायरस तक हो जाती है। ये वायरस मौसम की वजह से लोगों में आने के लिए ज्यादातर जिम्मेदार होते हैं। इनके तहत गले में खराश, खाँसी, सिसकी, छींक आना, आँखों से पानी, तेज बुखार या माँसपेशियों में दर्द जैसे बिमारी होती है जिसका इलाज करने पर 2 या 3 दिन में आराम मिल जाता है। अत: तथा दोनों सही है।