Correct Answer:
Option A - भारत के विद्यालयों को छात्रों के सीखने के उत्कृष्टता केन्द्रों मे बदलने के स्वप्न को सच करने के लिए आवश्यक है कि विद्यालय प्रमुख अपने सम्पूर्ण कार्य जीवन में अपने कौशलों और ज्ञान का नवीकरण और अद्यतन करने का निजी दायित्व लें, क्योंकि वे ही इस आन्दोलन का केन्द्र बिंदु हैं। व्यक्तिगत भेद होने से बालक का विकास एक सी विधियों से न करके अलग-अलग विधियों को प्रयोग में लाया जाता है। अत: शिक्षक को बालकों के व्यक्तिगत अधिगम प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए शिक्षा का प्रबंध करना चाहिए। छात्रों को हर दिन व्यक्तिगत क्षमता के अनुसार दत्तकार्य को करना चािहए, यदि कक्षा में छात्र कोई कार्य कर रहे हों तो उन्हें बार-बार हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए ताकि वह स्वयं अपना अधिगम प्रबंधन कर सवेंâ।
A. भारत के विद्यालयों को छात्रों के सीखने के उत्कृष्टता केन्द्रों मे बदलने के स्वप्न को सच करने के लिए आवश्यक है कि विद्यालय प्रमुख अपने सम्पूर्ण कार्य जीवन में अपने कौशलों और ज्ञान का नवीकरण और अद्यतन करने का निजी दायित्व लें, क्योंकि वे ही इस आन्दोलन का केन्द्र बिंदु हैं। व्यक्तिगत भेद होने से बालक का विकास एक सी विधियों से न करके अलग-अलग विधियों को प्रयोग में लाया जाता है। अत: शिक्षक को बालकों के व्यक्तिगत अधिगम प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए शिक्षा का प्रबंध करना चाहिए। छात्रों को हर दिन व्यक्तिगत क्षमता के अनुसार दत्तकार्य को करना चािहए, यदि कक्षा में छात्र कोई कार्य कर रहे हों तो उन्हें बार-बार हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए ताकि वह स्वयं अपना अधिगम प्रबंधन कर सवेंâ।