Correct Answer:
Option B - प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम, 1988 ने प्राथमिक स्तर पर ‘पर्यावरण अध्ययन’ के एक भाग के रूप में विज्ञान शिक्षण की सिफारिश की। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 1988 में पर्यावरण अध्ययन के बारे में उपयुक्त व्यवस्था को मंजूर किया गया था। इसके अनुसार कक्षा 3 से 5 के स्तर के बच्चों को पर्यावरण उसके प्राकृतिक और सामाजिक रूप में विभक्त न करते हुए सम्पूर्ण विषय के रूप में पढ़ने के लिए कहा गया। इसमें पहली बार पर्यावरण अध्ययन को सामाजिक विज्ञान और विज्ञान के रूप में पृथक-पृथक न कर समेकित रूप में पढ़ाने की सिफारिश की गई थी।
B. प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम, 1988 ने प्राथमिक स्तर पर ‘पर्यावरण अध्ययन’ के एक भाग के रूप में विज्ञान शिक्षण की सिफारिश की। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 1988 में पर्यावरण अध्ययन के बारे में उपयुक्त व्यवस्था को मंजूर किया गया था। इसके अनुसार कक्षा 3 से 5 के स्तर के बच्चों को पर्यावरण उसके प्राकृतिक और सामाजिक रूप में विभक्त न करते हुए सम्पूर्ण विषय के रूप में पढ़ने के लिए कहा गया। इसमें पहली बार पर्यावरण अध्ययन को सामाजिक विज्ञान और विज्ञान के रूप में पृथक-पृथक न कर समेकित रूप में पढ़ाने की सिफारिश की गई थी।