Correct Answer:
Option B - जेंडर का अर्थ स्त्री या पुरुष होने की अवस्था से है अर्थात् नारीत्व या पुरुषतत्व की उपस्थिति और सामाजिक संदर्भ में इसका अर्थ पुरुषों एवं महिलाओं के बीच की सामाजिक अंतरों से है। लड़के/लड़कियाँ समाज में अपनी वृद्धि के साथ इन अंतरों को सीखते हैं और जो एक संस्कृति से दूसरी संस्कृति से भिन्न होते हैं। स्त्री और पुरुषोंं की पहचान उनके आसपास के सामाजिक वातावरण के कारण अलग होती है। प्रत्येक संस्कृति का पुरुषों और महिलाओं का मूल्यांकन करने और उन्हें भूमिकाएँ व जिम्मेदारियाँ सौपने का तरीका अलग-अलग होता है। इसलिए जेंडर एक सामाजिक-सांस्कृतिक निर्माण है तथा एक प्रणालीगत क्रिया है।
B. जेंडर का अर्थ स्त्री या पुरुष होने की अवस्था से है अर्थात् नारीत्व या पुरुषतत्व की उपस्थिति और सामाजिक संदर्भ में इसका अर्थ पुरुषों एवं महिलाओं के बीच की सामाजिक अंतरों से है। लड़के/लड़कियाँ समाज में अपनी वृद्धि के साथ इन अंतरों को सीखते हैं और जो एक संस्कृति से दूसरी संस्कृति से भिन्न होते हैं। स्त्री और पुरुषोंं की पहचान उनके आसपास के सामाजिक वातावरण के कारण अलग होती है। प्रत्येक संस्कृति का पुरुषों और महिलाओं का मूल्यांकन करने और उन्हें भूमिकाएँ व जिम्मेदारियाँ सौपने का तरीका अलग-अलग होता है। इसलिए जेंडर एक सामाजिक-सांस्कृतिक निर्माण है तथा एक प्रणालीगत क्रिया है।