search
Q: Which of the following statements accurately describes the role of moral suasion in controlling money? निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, मुद्रा को नियंत्रित करने में नैतिक प्रत्यायन की भूमिका का सटीक वर्णन करता है?
  • A. It is a combination of persuasion and pressure used by the RBI to influence banks' lending behaviour/यह आरबीआई (RBI ) द्वारा बैंकों के ऋण देने के व्यवहार को प्रभावित करने के लिए प्रयोग किया जाने वाला अनुनय और दबाव का मिश्रण है।
  • B. It refers to the variation in the statutory liquidity ratio to regulate the allocation of bank credit./यह बैंक ऋण के आवंटन को विनियमित करने के लिए वैधानिक तरलता अनुपात में परिवर्तन को संदर्भित करता है।
  • C. It is a direct tool used by the RBI to control the money supply by setting interest rates.. /यह आरबीआई द्वारा ब्याज दरें निर्धारित करके मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक प्रत्यक्ष उपकरण है।
  • D. It involves the sale and purchase of government securities to influence the money supply./इसमें मुद्रा आपूर्ति को प्रभावित करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री और खरीद शामिल है।
Correct Answer: Option A - नैतिक प्रत्यायन (Moral Suasion) भारतीय रि़जर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों को कुछ नीतियों का पालन करने के लिए मनाने की एक प्रक्रिया है। यह आरबीआई (RBI) द्वारा बैंकों को ऋण देने के व्यवहार को प्रभावित करने के लिए प्रयोग किया जाने वाला अनुनय और दबाव का मिश्रण है। इसमें RBI बैंकों को यह समझाने की कोशिश करता है कि कुछ विशेष कार्यों को करना उनके हित में है या राष्ट्रीय हित में। यह दबाव या अनुनय का एक मिश्रण है। RBI बैंकों को सीधे आदेश नहीं देता है, बल्कि उन्हें अपने नीतियों के बारे में समझाता है और उन्हें स्वेच्छा से उनका पालन करने के लए प्रोत्साहित करता है। सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री और खरीद को ओपन मार्किट ऑपरेशन (OMO) कहा जाता है। और यह एक मौद्रिक उपकरण है, लेकिन नैतिक प्रत्यायन नहीं है।
A. नैतिक प्रत्यायन (Moral Suasion) भारतीय रि़जर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों को कुछ नीतियों का पालन करने के लिए मनाने की एक प्रक्रिया है। यह आरबीआई (RBI) द्वारा बैंकों को ऋण देने के व्यवहार को प्रभावित करने के लिए प्रयोग किया जाने वाला अनुनय और दबाव का मिश्रण है। इसमें RBI बैंकों को यह समझाने की कोशिश करता है कि कुछ विशेष कार्यों को करना उनके हित में है या राष्ट्रीय हित में। यह दबाव या अनुनय का एक मिश्रण है। RBI बैंकों को सीधे आदेश नहीं देता है, बल्कि उन्हें अपने नीतियों के बारे में समझाता है और उन्हें स्वेच्छा से उनका पालन करने के लए प्रोत्साहित करता है। सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री और खरीद को ओपन मार्किट ऑपरेशन (OMO) कहा जाता है। और यह एक मौद्रिक उपकरण है, लेकिन नैतिक प्रत्यायन नहीं है।

Explanations:

नैतिक प्रत्यायन (Moral Suasion) भारतीय रि़जर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों को कुछ नीतियों का पालन करने के लिए मनाने की एक प्रक्रिया है। यह आरबीआई (RBI) द्वारा बैंकों को ऋण देने के व्यवहार को प्रभावित करने के लिए प्रयोग किया जाने वाला अनुनय और दबाव का मिश्रण है। इसमें RBI बैंकों को यह समझाने की कोशिश करता है कि कुछ विशेष कार्यों को करना उनके हित में है या राष्ट्रीय हित में। यह दबाव या अनुनय का एक मिश्रण है। RBI बैंकों को सीधे आदेश नहीं देता है, बल्कि उन्हें अपने नीतियों के बारे में समझाता है और उन्हें स्वेच्छा से उनका पालन करने के लए प्रोत्साहित करता है। सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री और खरीद को ओपन मार्किट ऑपरेशन (OMO) कहा जाता है। और यह एक मौद्रिक उपकरण है, लेकिन नैतिक प्रत्यायन नहीं है।