Correct Answer:
Option D - वर्ष 1876-77 के दौरान अकाल पीडि़तों के प्रति अंग्रेजी अधिकारियों के अमानवीय दृष्टिकोण की आलोचना भारतीय समाचार पत्रों ने की थी। जिसके कारण लॉर्ड लिटन ने 1878 ई. में भारतीय समाचार पत्र अधिनियम (वर्नाकुलर प्रेस ऐक्ट) पारित कर भारतीय समाचार पत्रों पर कठोर प्रतिबंध लगाया। इस अधिनियम को मुँह बन्द करने वाला अधिनियम कहा गया है। इसे गैगिंग अधिनियम के नाम से भी जाना जाता था। इस अधिनियम का सबसे घिनौना पक्ष यह था कि इसके अनुसार देशी भाषा तथा अंग्रेजी भाषा के समाचार पत्रों में भेदभाव किया गया और इसमें अपराधी को अपील करने का अधिकार नहीं था। इस ऐक्ट के तहत जिला मजिस्ट्रेट को यह अधिकार था कि वह किसी भी भारतीय भाषा के समाचार-पत्र से बांड पेपर पर हस्ताक्षर करवा ले कि वह कोई भी ऐसी सामग्री नहीं छापेगा जो सरकार विरोधी हो। कानून का विरोध करने वाले मुद्राणालयों की जमानत मजिस्ट्रेट रद्द कर सकता है। इस अधिनियम के अधीन सोम प्रकाश, भारत मिहिर, ढाका प्रकाश, सहचर इत्यादि पत्रों के विरुद्ध मुकदमें दर्ज किए गये थे। इस अधिनियम को लॉर्ड रिपन द्वारा 1882 ई. में रद्द कर दिया गया अर्थात् भारतीय भाषा प्रसार अधिनियम समाप्त किया गया अर्थात् भारतीय भाषा प्रसार अधिनियम समाप्त किया गया।
D. वर्ष 1876-77 के दौरान अकाल पीडि़तों के प्रति अंग्रेजी अधिकारियों के अमानवीय दृष्टिकोण की आलोचना भारतीय समाचार पत्रों ने की थी। जिसके कारण लॉर्ड लिटन ने 1878 ई. में भारतीय समाचार पत्र अधिनियम (वर्नाकुलर प्रेस ऐक्ट) पारित कर भारतीय समाचार पत्रों पर कठोर प्रतिबंध लगाया। इस अधिनियम को मुँह बन्द करने वाला अधिनियम कहा गया है। इसे गैगिंग अधिनियम के नाम से भी जाना जाता था। इस अधिनियम का सबसे घिनौना पक्ष यह था कि इसके अनुसार देशी भाषा तथा अंग्रेजी भाषा के समाचार पत्रों में भेदभाव किया गया और इसमें अपराधी को अपील करने का अधिकार नहीं था। इस ऐक्ट के तहत जिला मजिस्ट्रेट को यह अधिकार था कि वह किसी भी भारतीय भाषा के समाचार-पत्र से बांड पेपर पर हस्ताक्षर करवा ले कि वह कोई भी ऐसी सामग्री नहीं छापेगा जो सरकार विरोधी हो। कानून का विरोध करने वाले मुद्राणालयों की जमानत मजिस्ट्रेट रद्द कर सकता है। इस अधिनियम के अधीन सोम प्रकाश, भारत मिहिर, ढाका प्रकाश, सहचर इत्यादि पत्रों के विरुद्ध मुकदमें दर्ज किए गये थे। इस अधिनियम को लॉर्ड रिपन द्वारा 1882 ई. में रद्द कर दिया गया अर्थात् भारतीय भाषा प्रसार अधिनियम समाप्त किया गया अर्थात् भारतीय भाषा प्रसार अधिनियम समाप्त किया गया।