Correct Answer:
Option D - संज्ञानात्मक विकास की औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (formal operational stage) में अमूर्त सोच और वैज्ञानिक तर्क की क्षमता विकसित होती है। यह अवस्था लगभग 11 से 15 वर्ष की आयु तक चलती है। इस अवस्था के दौरान बालक अमूर्त बातों के संबंध में तार्किक चिंतन करने की योग्यता विकसित करता है। मूर्त वस्तुओं तथा सामग्री के स्थान पर शाब्दिक तथा सांकेतिक अभिव्यक्ति का प्रयोग तार्किक चिंतन में किया जाता है। इस अवस्था में समस्या-समाधान व्यवहार अधिक व्यवस्थित हो जाता है। बालक निष्कर्ष निकालने लगता है, व्याख्या करने लगता है तथा परिकल्पनायें बनाने लगता है। औपचारिक संक्रियात्मक विचार बालकों को वास्तविकता से बाहर जाने तथा संभावनाओं पर विचार करने योग्य बनाते हैं।
D. संज्ञानात्मक विकास की औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (formal operational stage) में अमूर्त सोच और वैज्ञानिक तर्क की क्षमता विकसित होती है। यह अवस्था लगभग 11 से 15 वर्ष की आयु तक चलती है। इस अवस्था के दौरान बालक अमूर्त बातों के संबंध में तार्किक चिंतन करने की योग्यता विकसित करता है। मूर्त वस्तुओं तथा सामग्री के स्थान पर शाब्दिक तथा सांकेतिक अभिव्यक्ति का प्रयोग तार्किक चिंतन में किया जाता है। इस अवस्था में समस्या-समाधान व्यवहार अधिक व्यवस्थित हो जाता है। बालक निष्कर्ष निकालने लगता है, व्याख्या करने लगता है तथा परिकल्पनायें बनाने लगता है। औपचारिक संक्रियात्मक विचार बालकों को वास्तविकता से बाहर जाने तथा संभावनाओं पर विचार करने योग्य बनाते हैं।