Correct Answer:
Option D - स्वदेशी आंदोलन के बारे में, कथन घ्, इसकी शुरूआत 3 जुलाई 1903 को हुई थी। कथन II इसका उद्देश्य विदेशी वस्तुओं को स्वीकार करना था। यह दोनों ही कथन गलत है। जबकि कथन III, कलकत्ता के चारों ओर हड़तालों का मंचन किया गया था। यह कथन स्वदेशी आंदोलन के बारे में सत्य है।
स्वदेशी आंदोलन विशेषकर उस आंदोलन को कहते है जो बंग-भंग के विरोध में ने केवल बंगाल अपितु पूरे ब्रिटिश भारत में चला। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य अपने देश की वस्तु अपनाना और दूसरे देश की वस्तु का बहिष्कार करना था। 7 अगस्त 1905 में कलकत्ता के टाउनहॉल में एक विशाल बैठक आयोजित की गई जिसमें स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा की गई।
D. स्वदेशी आंदोलन के बारे में, कथन घ्, इसकी शुरूआत 3 जुलाई 1903 को हुई थी। कथन II इसका उद्देश्य विदेशी वस्तुओं को स्वीकार करना था। यह दोनों ही कथन गलत है। जबकि कथन III, कलकत्ता के चारों ओर हड़तालों का मंचन किया गया था। यह कथन स्वदेशी आंदोलन के बारे में सत्य है।
स्वदेशी आंदोलन विशेषकर उस आंदोलन को कहते है जो बंग-भंग के विरोध में ने केवल बंगाल अपितु पूरे ब्रिटिश भारत में चला। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य अपने देश की वस्तु अपनाना और दूसरे देश की वस्तु का बहिष्कार करना था। 7 अगस्त 1905 में कलकत्ता के टाउनहॉल में एक विशाल बैठक आयोजित की गई जिसमें स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा की गई।