Correct Answer:
Option C - प्रथम श्रेणी की ईंट में निम्न विशेषताएँ होना चाहिए-
1. इसकी सतह पर नाखून से खुरचने पर कोई निशान नहीं बनने चाहिए।
2. दो ईंटो को आपस में टकराने पर धात्विक ध्वनि उत्पन्न होनी चाहिए।
3. प्रथम श्रेणी की ईंट की सम्पीडन सामर्थ्य 105किग्रा/सेमी² से कम नहीं होना चाहिए।
4. प्रथम श्रेणी की ईंट को 1.5मी० की ऊँचाई से गिराने पर यह टूटनी नहीं चाहिए।
5. प्रथम श्रेणी की ईंट को 24घण्टे तक पानी में डुबोये रखने के दौरान यह अपने भार का 1/6 या 20% से अधिक पानी का अवशोषण नहीं करना चाहिए।
6. प्रथम श्रेणी की ईंट लोना या उत्फुल्लन से पूर्णत: मुक्त होनी चाहिए।
7. ईंट का भार 2.75 से 3 किग्रा के मध्य होना चाहिए।
8. ईंट का रंग विशेष रूप से लाल होना चाहिए।
9. ईंट के माप में मानक माप से ±3 मिमी से अधिक भिन्नता नहीं आनी चाहिए।
C. प्रथम श्रेणी की ईंट में निम्न विशेषताएँ होना चाहिए-
1. इसकी सतह पर नाखून से खुरचने पर कोई निशान नहीं बनने चाहिए।
2. दो ईंटो को आपस में टकराने पर धात्विक ध्वनि उत्पन्न होनी चाहिए।
3. प्रथम श्रेणी की ईंट की सम्पीडन सामर्थ्य 105किग्रा/सेमी² से कम नहीं होना चाहिए।
4. प्रथम श्रेणी की ईंट को 1.5मी० की ऊँचाई से गिराने पर यह टूटनी नहीं चाहिए।
5. प्रथम श्रेणी की ईंट को 24घण्टे तक पानी में डुबोये रखने के दौरान यह अपने भार का 1/6 या 20% से अधिक पानी का अवशोषण नहीं करना चाहिए।
6. प्रथम श्रेणी की ईंट लोना या उत्फुल्लन से पूर्णत: मुक्त होनी चाहिए।
7. ईंट का भार 2.75 से 3 किग्रा के मध्य होना चाहिए।
8. ईंट का रंग विशेष रूप से लाल होना चाहिए।
9. ईंट के माप में मानक माप से ±3 मिमी से अधिक भिन्नता नहीं आनी चाहिए।