Correct Answer:
Option C - पाउल हर्मान मूलर नामक वैज्ञानिक ने 1939 में DDT की खोज की। डीडीटी ‘डाईक्लोरो-डाईफेनाइल-ट्राई-क्लोरोइथेन’ एक रंगहीन, स्वादहीन और लगभग गंधहीन क्रिस्टलीय रासायनिक यौगिक है। यह एक कार्बनक्लोराइड है, इसका विकास मूलत: एक कीटनाशी के रूप में किया गया था किन्तु इसके पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के चलते इसका उपयोग बन्द करना पड़ा।
C. पाउल हर्मान मूलर नामक वैज्ञानिक ने 1939 में DDT की खोज की। डीडीटी ‘डाईक्लोरो-डाईफेनाइल-ट्राई-क्लोरोइथेन’ एक रंगहीन, स्वादहीन और लगभग गंधहीन क्रिस्टलीय रासायनिक यौगिक है। यह एक कार्बनक्लोराइड है, इसका विकास मूलत: एक कीटनाशी के रूप में किया गया था किन्तु इसके पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के चलते इसका उपयोग बन्द करना पड़ा।