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Q: Which of the following rocks are important to geotechnical engineers because they cover about 75% of the earth's surface area? निम्नलिखित में से कौन सी चट्टानें भू-तकनीकी इंजीनियरों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वे पृथ्वी की सतह के लगभग 75% क्षेत्र को घेरती हैं।
  • A. Sedimentary/अवसादी
  • B. Metamorphic/कायांतरित
  • C. Igneous rocks/आग्नेय चट्टाने
  • D. All of these./उपरोक्त सभी
Correct Answer: Option A - अवसादी चट्टान (Sedimentary rocks):- अवसादी चट्टानों का निर्माण, आग्नेय चट्टानों के विघटन होने के बाद पानी के साथ बहकर परत दर परत के रूप में इकट्ठा हो जाने के फलस्वरूप होता है। ये चट्टाने पतली परतदार रचना वाली होती हैं, जिन्हें इनके तल पर आसानी से अलग किया जा सकता है। तलछटी चट्टानों के निर्माण में जटिल यांत्रिक या रासायनिक प्रक्रियाओं (Complex mechanical or chemical processes) के अलावा जैविक गतिविधि (Biological Activity) भी शामिल होती है। इसे अवसादी चट्टान/द्वितीयक चट्टान/ स्तरित चट्टान/जलीय चट्टान भी कहते हैं। अवसादी चट्टान लगभग पृथ्वी की सतह का 75% क्षेत्र को घेरती है। उदाहरण–जिप्सम, चूना पत्थर, बलुआ पत्थर, लैटेराइट, डोलोमाइट, शैल, लिग्नाइट आदि। कायांतरित चट्टान (Metamorphic Rock) - जब आग्नेय अथवा तलछटी चट्टाने जब उच्च ताप और अधिक दाब के कारण अपनी काया या मूल रूप बदल लेती है, तब ऐसी चट्टानों को कायांतरित चट्टान कहते है। उदाहरण–नीज, मार्बल, क्वार्टजाइट, स्लेट आदि। आग्नेय चट्टान (Igneous Rock) - जब जमीन की दरारों,छिद्रों, फटानों से ज्वालामुखी पूâटने पर पिघला हुआ द्रव (मैग्मा) लावा के रूप में बाहर निकलता है और ठण्डा होकर ठोस चट्टानों में परिवर्तित हो जाता है तो यह आग्नेय चट्टान कहलाती है। उदाहरण - ग्रेनाइट, बेसाल्ट, ट्रैप, डोलोमाइट आदि।
A. अवसादी चट्टान (Sedimentary rocks):- अवसादी चट्टानों का निर्माण, आग्नेय चट्टानों के विघटन होने के बाद पानी के साथ बहकर परत दर परत के रूप में इकट्ठा हो जाने के फलस्वरूप होता है। ये चट्टाने पतली परतदार रचना वाली होती हैं, जिन्हें इनके तल पर आसानी से अलग किया जा सकता है। तलछटी चट्टानों के निर्माण में जटिल यांत्रिक या रासायनिक प्रक्रियाओं (Complex mechanical or chemical processes) के अलावा जैविक गतिविधि (Biological Activity) भी शामिल होती है। इसे अवसादी चट्टान/द्वितीयक चट्टान/ स्तरित चट्टान/जलीय चट्टान भी कहते हैं। अवसादी चट्टान लगभग पृथ्वी की सतह का 75% क्षेत्र को घेरती है। उदाहरण–जिप्सम, चूना पत्थर, बलुआ पत्थर, लैटेराइट, डोलोमाइट, शैल, लिग्नाइट आदि। कायांतरित चट्टान (Metamorphic Rock) - जब आग्नेय अथवा तलछटी चट्टाने जब उच्च ताप और अधिक दाब के कारण अपनी काया या मूल रूप बदल लेती है, तब ऐसी चट्टानों को कायांतरित चट्टान कहते है। उदाहरण–नीज, मार्बल, क्वार्टजाइट, स्लेट आदि। आग्नेय चट्टान (Igneous Rock) - जब जमीन की दरारों,छिद्रों, फटानों से ज्वालामुखी पूâटने पर पिघला हुआ द्रव (मैग्मा) लावा के रूप में बाहर निकलता है और ठण्डा होकर ठोस चट्टानों में परिवर्तित हो जाता है तो यह आग्नेय चट्टान कहलाती है। उदाहरण - ग्रेनाइट, बेसाल्ट, ट्रैप, डोलोमाइट आदि।

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अवसादी चट्टान (Sedimentary rocks):- अवसादी चट्टानों का निर्माण, आग्नेय चट्टानों के विघटन होने के बाद पानी के साथ बहकर परत दर परत के रूप में इकट्ठा हो जाने के फलस्वरूप होता है। ये चट्टाने पतली परतदार रचना वाली होती हैं, जिन्हें इनके तल पर आसानी से अलग किया जा सकता है। तलछटी चट्टानों के निर्माण में जटिल यांत्रिक या रासायनिक प्रक्रियाओं (Complex mechanical or chemical processes) के अलावा जैविक गतिविधि (Biological Activity) भी शामिल होती है। इसे अवसादी चट्टान/द्वितीयक चट्टान/ स्तरित चट्टान/जलीय चट्टान भी कहते हैं। अवसादी चट्टान लगभग पृथ्वी की सतह का 75% क्षेत्र को घेरती है। उदाहरण–जिप्सम, चूना पत्थर, बलुआ पत्थर, लैटेराइट, डोलोमाइट, शैल, लिग्नाइट आदि। कायांतरित चट्टान (Metamorphic Rock) - जब आग्नेय अथवा तलछटी चट्टाने जब उच्च ताप और अधिक दाब के कारण अपनी काया या मूल रूप बदल लेती है, तब ऐसी चट्टानों को कायांतरित चट्टान कहते है। उदाहरण–नीज, मार्बल, क्वार्टजाइट, स्लेट आदि। आग्नेय चट्टान (Igneous Rock) - जब जमीन की दरारों,छिद्रों, फटानों से ज्वालामुखी पूâटने पर पिघला हुआ द्रव (मैग्मा) लावा के रूप में बाहर निकलता है और ठण्डा होकर ठोस चट्टानों में परिवर्तित हो जाता है तो यह आग्नेय चट्टान कहलाती है। उदाहरण - ग्रेनाइट, बेसाल्ट, ट्रैप, डोलोमाइट आदि।