Correct Answer:
Option B - सुमित्रानन्दन पंत रचनाकाल के अंतिम दौर में प्रगतिवाद के भौतिक दर्शन के साथ-साथ अरविन्द दर्शन से प्रभावित हुए। पंत की रचनाएँ हैं– वीणा, पल्लव, चिदम्बरा, युगवाणी, लोकायतन, युगपथ, स्वर्णकिरण, कला और बूढ़ा चाँद आदि।
B. सुमित्रानन्दन पंत रचनाकाल के अंतिम दौर में प्रगतिवाद के भौतिक दर्शन के साथ-साथ अरविन्द दर्शन से प्रभावित हुए। पंत की रचनाएँ हैं– वीणा, पल्लव, चिदम्बरा, युगवाणी, लोकायतन, युगपथ, स्वर्णकिरण, कला और बूढ़ा चाँद आदि।