Correct Answer:
Option B - प्रत्यास्कन्दन (Resilinece)- किसी भी पिण्ड पर प्रत्यास्थता सीमा के अन्दर बाह्य भार लगाने पर उसकी स्थिति के कारण संचित विकृति ऊर्जा को प्रत्यास्कन्दन कहते है। इसका मापन प्रत्यास्थ सीमा के भीतर प्रति ईकाई आयतन में अवशोषित ऊर्जा की मात्रा से ज्ञात किया जाता है। स्प्रिंग बनाने वाले पदार्थ मे यह गुणधर्म आवश्यक है स्टील में उच्च प्रत्यास्कन्दन गुण है अत: स्प्रिंग बनाने के लिए स्टील का उपयोग किया जायेगा।
B. प्रत्यास्कन्दन (Resilinece)- किसी भी पिण्ड पर प्रत्यास्थता सीमा के अन्दर बाह्य भार लगाने पर उसकी स्थिति के कारण संचित विकृति ऊर्जा को प्रत्यास्कन्दन कहते है। इसका मापन प्रत्यास्थ सीमा के भीतर प्रति ईकाई आयतन में अवशोषित ऊर्जा की मात्रा से ज्ञात किया जाता है। स्प्रिंग बनाने वाले पदार्थ मे यह गुणधर्म आवश्यक है स्टील में उच्च प्रत्यास्कन्दन गुण है अत: स्प्रिंग बनाने के लिए स्टील का उपयोग किया जायेगा।