Correct Answer:
Option A - राष्ट्रकूट शासक दंतिदुर्ग ने उज्जैन में हिरण्यगर्भ नामक महादान को सम्पन्न किया। आठवीं शताब्दी के मध्य में राष्ट्रकूट प्रमुख दंतिदुर्ग ने अपने चालुक्य अधिपति को उखाड़ फेंका और हिरण्यगर्भ नामक अनुष्ठान किया। यह अनुष्ठान ब्राह्मणों की मदद से किया जाता है और यह माना जाता है कि बलिदान करने वाले का क्षत्रिय के रूप में पुनर्जन्म होता है भले ही वह जन्म से क्षत्रिय न हो।
A. राष्ट्रकूट शासक दंतिदुर्ग ने उज्जैन में हिरण्यगर्भ नामक महादान को सम्पन्न किया। आठवीं शताब्दी के मध्य में राष्ट्रकूट प्रमुख दंतिदुर्ग ने अपने चालुक्य अधिपति को उखाड़ फेंका और हिरण्यगर्भ नामक अनुष्ठान किया। यह अनुष्ठान ब्राह्मणों की मदद से किया जाता है और यह माना जाता है कि बलिदान करने वाले का क्षत्रिय के रूप में पुनर्जन्म होता है भले ही वह जन्म से क्षत्रिय न हो।