Correct Answer:
Option C - प्लंज ग्राइंडिंग, क्रीप फीड ग्राइंडिंग तथा सेंटरलेस ग्राइंडिंग ये सभी बेलनाकार ग्राइंडिंग (cylindrical grinding) के प्रकार हैं। बेलनाकार पार्ट्स को ग्राइंड करने के लिए बेलनाकार ग्राइंडिंग किया जाता है। बेलनाकार ग्राइंडिंग में बेलनाकार कार्यखण्ड को उसकी अक्ष पर घुमाया जाता है।
• बहुत छोटे व्यास के या खोखले कार्यखण्ड (जैसे-गजन पिन) जिनको सेन्टरों पर सहारा नहीं जा सकता है, उसकी ग्राइंडिंग सेन्टरलेस ग्राइंडिंग के द्वारा की जाती है।
C. प्लंज ग्राइंडिंग, क्रीप फीड ग्राइंडिंग तथा सेंटरलेस ग्राइंडिंग ये सभी बेलनाकार ग्राइंडिंग (cylindrical grinding) के प्रकार हैं। बेलनाकार पार्ट्स को ग्राइंड करने के लिए बेलनाकार ग्राइंडिंग किया जाता है। बेलनाकार ग्राइंडिंग में बेलनाकार कार्यखण्ड को उसकी अक्ष पर घुमाया जाता है।
• बहुत छोटे व्यास के या खोखले कार्यखण्ड (जैसे-गजन पिन) जिनको सेन्टरों पर सहारा नहीं जा सकता है, उसकी ग्राइंडिंग सेन्टरलेस ग्राइंडिंग के द्वारा की जाती है।