Correct Answer:
Option A - धातुओं के अयस्कों से धातु के निष्कर्षण में ईंधन के रूप में कोक का प्रयोग किया जाता है। कोक का प्रयोग धातुकर्म प्रक्रिया में एक अपचायक कारक के रूप में होता है। इसका उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में भी होता है तथा साथ ही साथ जल गैस और प्रोड्यूसर गैस के निर्माण में भी कोक का प्रयोग किया जाता हैं। कोक कार्बन का एक रूप हैं यह कठोर सरंध्र तथा भूरे-काले रंग का पदार्थ है जिसमें लगभग 98%तक कार्बन होता है। यह कार्बन का लगभग शुद्ध रूप है और जलने पर बहुत कम धुंआ उत्पन्न करता है।
A. धातुओं के अयस्कों से धातु के निष्कर्षण में ईंधन के रूप में कोक का प्रयोग किया जाता है। कोक का प्रयोग धातुकर्म प्रक्रिया में एक अपचायक कारक के रूप में होता है। इसका उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में भी होता है तथा साथ ही साथ जल गैस और प्रोड्यूसर गैस के निर्माण में भी कोक का प्रयोग किया जाता हैं। कोक कार्बन का एक रूप हैं यह कठोर सरंध्र तथा भूरे-काले रंग का पदार्थ है जिसमें लगभग 98%तक कार्बन होता है। यह कार्बन का लगभग शुद्ध रूप है और जलने पर बहुत कम धुंआ उत्पन्न करता है।