Correct Answer:
Option D - द्वि-कुण्डली ट्रांसफार्मर की तुलना में ओटा-ट्रांसफार्मर के लाभ-
∎ वाइंडिंग पदार्थ में बचत होती है।
∎ आकार में छोटा होता है।
∎ समान VA रेटिंग के लिए अधिक दक्षता होती है।
∎ कोर और ताम्र हानि, निम्न प्रतिरोध और रिसाव प्रतिक्रिया के कारण अधिक न्यून होती है।
D. द्वि-कुण्डली ट्रांसफार्मर की तुलना में ओटा-ट्रांसफार्मर के लाभ-
∎ वाइंडिंग पदार्थ में बचत होती है।
∎ आकार में छोटा होता है।
∎ समान VA रेटिंग के लिए अधिक दक्षता होती है।
∎ कोर और ताम्र हानि, निम्न प्रतिरोध और रिसाव प्रतिक्रिया के कारण अधिक न्यून होती है।