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Q: गणित की कक्षा में एक विद्यार्थी कहता है कि एक वर्ग, एक समांतर चतुर्भुज और एक आयत दोनों है। वह आगे कहता है सारे आयत भी समांतर चतुर्भुज होते हैं। वैन हैले की ज्यामितीय चिंतन के सिद्धान्त के अनुसार विद्यार्थी, ज्यामितीय चिंतन के किस स्तर पर है?
  • A. संबद्धता
  • B. विश्लेषण
  • C. दृश्यीकरण
  • D. स्वयंसिद्धीय
Correct Answer: Option A - गणित की कक्षा में एक विद्यार्थी कहता है कि एक वर्ग, एक समांतर चतुर्भुज और आयत दोनों है। वह आगे कहता है कि सारे आयत भी समांतर चतुर्भुज होते हैं। वैन हैले की ज्यामितीय चिंतन के सिद्धान्त के अनुसार, विद्यार्थी, ज्यामितीय चिंतन के ‘संबद्धता’ स्तर पर है। वैन हैले का सिद्धान्त यह बताता है कि लोग ज्यामिति कैसे सीखते हैं। ज्यामिति में चिंतन के पाँच स्तर होते हैं। प्रत्योक्षरण स्तर, वर्णात्मक/विश्लेषणात्मक/ विश्लेषण स्तर, अमूर्त/ संबंधपरक स्तर/अनौपचारिक निगमन स्तर, औपचारिक निगमन स्तर एवं गणितीय दृढ़ता स्तर।
A. गणित की कक्षा में एक विद्यार्थी कहता है कि एक वर्ग, एक समांतर चतुर्भुज और आयत दोनों है। वह आगे कहता है कि सारे आयत भी समांतर चतुर्भुज होते हैं। वैन हैले की ज्यामितीय चिंतन के सिद्धान्त के अनुसार, विद्यार्थी, ज्यामितीय चिंतन के ‘संबद्धता’ स्तर पर है। वैन हैले का सिद्धान्त यह बताता है कि लोग ज्यामिति कैसे सीखते हैं। ज्यामिति में चिंतन के पाँच स्तर होते हैं। प्रत्योक्षरण स्तर, वर्णात्मक/विश्लेषणात्मक/ विश्लेषण स्तर, अमूर्त/ संबंधपरक स्तर/अनौपचारिक निगमन स्तर, औपचारिक निगमन स्तर एवं गणितीय दृढ़ता स्तर।

Explanations:

गणित की कक्षा में एक विद्यार्थी कहता है कि एक वर्ग, एक समांतर चतुर्भुज और आयत दोनों है। वह आगे कहता है कि सारे आयत भी समांतर चतुर्भुज होते हैं। वैन हैले की ज्यामितीय चिंतन के सिद्धान्त के अनुसार, विद्यार्थी, ज्यामितीय चिंतन के ‘संबद्धता’ स्तर पर है। वैन हैले का सिद्धान्त यह बताता है कि लोग ज्यामिति कैसे सीखते हैं। ज्यामिति में चिंतन के पाँच स्तर होते हैं। प्रत्योक्षरण स्तर, वर्णात्मक/विश्लेषणात्मक/ विश्लेषण स्तर, अमूर्त/ संबंधपरक स्तर/अनौपचारिक निगमन स्तर, औपचारिक निगमन स्तर एवं गणितीय दृढ़ता स्तर।