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Q: Which of the following is NOT the requirement of an ideal permanent way? निम्नलिखित में से कौन-सी आदर्श स्थायी मार्ग की आवश्यकता नहीं है?
  • A. It should always be straight. यह हमेशा सीधा रहना चाहिए।
  • B. The drainage system must be perfect. जल निकासी प्रणाली सही होनी चाहिए।
  • C. There must be provisions of easy renewals आसान नवीनीकरण के प्रावधान होने चाहिए।
  • D. There must be certain amount of elasticity in the track./पटरियों में प्रत्यास्थता की निश्चित मात्रा होनी चाहिए।
Correct Answer: Option A - स्थायी मार्ग (Permanent way):- इस्पात की दो समान्तर पटरियाँ जिन पर गाडि़याँ चलती है, रेल मार्ग अथवा रेलपथ (Railway Track) कहलाता है। रेलमार्ग को स्थायी मार्ग (Permanent way) भी कहते है। अच्छे रेलमार्ग के लिए आवश्यक बातें निम्न है- (i) दोनों रेलों का शीर्ष-तल वक्रों को छोड़कर समान तल पर रहना चाहिए। (ii) ट्रैक की पाश्र्व सामथ्र्य पर्याप्त होनी चाहिए। (iii) रेलों का एक-दूसरे के प्रति विसर्पण नहीं होना चाहिए। (iv) रेलमार्ग भार के प्रति प्रत्यास्थ होना चाहिए। (v) रेलमार्ग से घिसी हुयी पटरी तथा अन्य फिटिंग को निकालना तथा नयी रेले व सामान लगाना सम्भव तथा सरल होना चाहिए। (vi) रेलमार्ग से वर्षा जल की निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
A. स्थायी मार्ग (Permanent way):- इस्पात की दो समान्तर पटरियाँ जिन पर गाडि़याँ चलती है, रेल मार्ग अथवा रेलपथ (Railway Track) कहलाता है। रेलमार्ग को स्थायी मार्ग (Permanent way) भी कहते है। अच्छे रेलमार्ग के लिए आवश्यक बातें निम्न है- (i) दोनों रेलों का शीर्ष-तल वक्रों को छोड़कर समान तल पर रहना चाहिए। (ii) ट्रैक की पाश्र्व सामथ्र्य पर्याप्त होनी चाहिए। (iii) रेलों का एक-दूसरे के प्रति विसर्पण नहीं होना चाहिए। (iv) रेलमार्ग भार के प्रति प्रत्यास्थ होना चाहिए। (v) रेलमार्ग से घिसी हुयी पटरी तथा अन्य फिटिंग को निकालना तथा नयी रेले व सामान लगाना सम्भव तथा सरल होना चाहिए। (vi) रेलमार्ग से वर्षा जल की निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

Explanations:

स्थायी मार्ग (Permanent way):- इस्पात की दो समान्तर पटरियाँ जिन पर गाडि़याँ चलती है, रेल मार्ग अथवा रेलपथ (Railway Track) कहलाता है। रेलमार्ग को स्थायी मार्ग (Permanent way) भी कहते है। अच्छे रेलमार्ग के लिए आवश्यक बातें निम्न है- (i) दोनों रेलों का शीर्ष-तल वक्रों को छोड़कर समान तल पर रहना चाहिए। (ii) ट्रैक की पाश्र्व सामथ्र्य पर्याप्त होनी चाहिए। (iii) रेलों का एक-दूसरे के प्रति विसर्पण नहीं होना चाहिए। (iv) रेलमार्ग भार के प्रति प्रत्यास्थ होना चाहिए। (v) रेलमार्ग से घिसी हुयी पटरी तथा अन्य फिटिंग को निकालना तथा नयी रेले व सामान लगाना सम्भव तथा सरल होना चाहिए। (vi) रेलमार्ग से वर्षा जल की निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।