Correct Answer:
Option B - इस्पातीय संरचना में पिन जोड़ के लाभ निम्न हैं–
(i) दृढ़ जोड़ के कारण आने वाले द्वितीयक प्रतिबल को समाप्त कर देता है क्योंकि पिन जोड़ में नम्यता होती है।
(ii) यह फ्रेम को स्थैतिक रूप से निर्धार्य बनाता है।
(iii) पिन जोड़ द्वारा केवल एक समतल में घूर्णन को छोड़कर शेष प्रतिक्रियाएँ शून्य हो जाती हैं।
(iv) पिन जोड़ में तापान्तर के कारण होने वाली विकृति का मान कम होता है।
(v) पिन जोड़ बनाने में समय अधिक लगता है जो कि इस जोड़ का दोष है।
B. इस्पातीय संरचना में पिन जोड़ के लाभ निम्न हैं–
(i) दृढ़ जोड़ के कारण आने वाले द्वितीयक प्रतिबल को समाप्त कर देता है क्योंकि पिन जोड़ में नम्यता होती है।
(ii) यह फ्रेम को स्थैतिक रूप से निर्धार्य बनाता है।
(iii) पिन जोड़ द्वारा केवल एक समतल में घूर्णन को छोड़कर शेष प्रतिक्रियाएँ शून्य हो जाती हैं।
(iv) पिन जोड़ में तापान्तर के कारण होने वाली विकृति का मान कम होता है।
(v) पिन जोड़ बनाने में समय अधिक लगता है जो कि इस जोड़ का दोष है।