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Q: Which of the following is not a strength of Environmental studies? निम्नलिखित में से कौन-सी पर्यावरण अध्ययन की ताकत नहीं है?
  • A. The contents of environmental studies are organized thematically/पर्यावरण अधिगम की सामग्री को विषयगत रूप से व्यवस्थित किया जाता है।
  • B. Environmental studies provides scope for children expressions oral and written and other creative expressions, etc/पर्यावरण अधिगम बच्चों की अभिव्यक्ति के लिए गुंजाइश प्रदान करता है - मौखिक और लिखित और अन्य रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ, आदि।
  • C. Chapters begin with pey initiating children into thinking and constructing their own knowledge/अध्याय बच्चों को सोचने और अपने स्वयं के ज्ञान का निर्माण करने के लिए शुरू करने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नों से शुरू होते हैं।
  • D. The contents of environmental studies are not drawn from the childrens own environment/ पर्यावरण अधिगम की सामग्री बच्चों के अपने पर्यावरण से नहीं ली गई है।
Correct Answer: Option D - पर्यावरण शिक्षा के संदर्भ में विकल्प (d) सही नहीं होगा। पर्यावरण शिक्षा विश्व समुदाय को पर्यावरण सम्बन्धी सम्पूर्ण रूप से दी जाने वाली शिक्षा है, जिससे वे अपने उन कार्यों या गतिविधियों को समझ सकें जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं और उनका हल खोज सकें। UNESCO (1970) कार्य समिति के अनुसार, ‘पर्यावरण शिक्षा वह प्रक्रिया है जिसके अन्तर्गत मनुष्य तथा उसके पर्यावरण (सांस्कृतिक तथा भौतिक, जैविक) के पारस्परिक सम्बन्ध तथा निर्भरता को समझने का प्रयास किया जाता है और उसको स्पष्ट करने हेतु कौशल, अभिवृत्ति तथा मूल्यों का विकास करते हैं। यह निर्णय लिया जाता है कि क्या किया जाये, जिससे वातावरण की समस्याओं का समाधान किया जा सके और पर्यावरण में गुणवत्ता लायी जा सके।’’ पर्यावरण को निम्नांकित विशेषताओं के माध्यम से समझा जा सकता है– 1. पर्यावरण-शिक्षा विद्यार्थी को अपने आसपास होने वाले प्रदूषण को रोकने हेतु जागरूक बनाती है। 2. पर्यावरण अधिगत सामग्री को विषयगत रूप से व्यवस्थित किया जाता है। 3. पर्यावरण शिक्षा विद्यार्थी को जनतांत्रिक नागरिक बनाने में सहायता करती है। 4. पर्यावरण अधिगम बच्चों को अभिव्यक्ति के लिए गुंजाइश प्रदान करता है– मौखिक और लिखित और अन्य रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ आदि। 5. पर्यावरणीय शिक्षा हमारे जीवन मे पेड़-पौधों एवं वनों के महत्व को स्पष्ट करती है। 6. विभिन्न प्रकार के उद्योगों तथा फैक्ट्रियों से निकलने वाले अवशिष्ट तथा विषैली गैसों से उत्पन्न समस्याओं के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी पर्यावरणीय शिक्षा के माध्यम से मिलती हैं।
D. पर्यावरण शिक्षा के संदर्भ में विकल्प (d) सही नहीं होगा। पर्यावरण शिक्षा विश्व समुदाय को पर्यावरण सम्बन्धी सम्पूर्ण रूप से दी जाने वाली शिक्षा है, जिससे वे अपने उन कार्यों या गतिविधियों को समझ सकें जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं और उनका हल खोज सकें। UNESCO (1970) कार्य समिति के अनुसार, ‘पर्यावरण शिक्षा वह प्रक्रिया है जिसके अन्तर्गत मनुष्य तथा उसके पर्यावरण (सांस्कृतिक तथा भौतिक, जैविक) के पारस्परिक सम्बन्ध तथा निर्भरता को समझने का प्रयास किया जाता है और उसको स्पष्ट करने हेतु कौशल, अभिवृत्ति तथा मूल्यों का विकास करते हैं। यह निर्णय लिया जाता है कि क्या किया जाये, जिससे वातावरण की समस्याओं का समाधान किया जा सके और पर्यावरण में गुणवत्ता लायी जा सके।’’ पर्यावरण को निम्नांकित विशेषताओं के माध्यम से समझा जा सकता है– 1. पर्यावरण-शिक्षा विद्यार्थी को अपने आसपास होने वाले प्रदूषण को रोकने हेतु जागरूक बनाती है। 2. पर्यावरण अधिगत सामग्री को विषयगत रूप से व्यवस्थित किया जाता है। 3. पर्यावरण शिक्षा विद्यार्थी को जनतांत्रिक नागरिक बनाने में सहायता करती है। 4. पर्यावरण अधिगम बच्चों को अभिव्यक्ति के लिए गुंजाइश प्रदान करता है– मौखिक और लिखित और अन्य रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ आदि। 5. पर्यावरणीय शिक्षा हमारे जीवन मे पेड़-पौधों एवं वनों के महत्व को स्पष्ट करती है। 6. विभिन्न प्रकार के उद्योगों तथा फैक्ट्रियों से निकलने वाले अवशिष्ट तथा विषैली गैसों से उत्पन्न समस्याओं के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी पर्यावरणीय शिक्षा के माध्यम से मिलती हैं।

Explanations:

पर्यावरण शिक्षा के संदर्भ में विकल्प (d) सही नहीं होगा। पर्यावरण शिक्षा विश्व समुदाय को पर्यावरण सम्बन्धी सम्पूर्ण रूप से दी जाने वाली शिक्षा है, जिससे वे अपने उन कार्यों या गतिविधियों को समझ सकें जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं और उनका हल खोज सकें। UNESCO (1970) कार्य समिति के अनुसार, ‘पर्यावरण शिक्षा वह प्रक्रिया है जिसके अन्तर्गत मनुष्य तथा उसके पर्यावरण (सांस्कृतिक तथा भौतिक, जैविक) के पारस्परिक सम्बन्ध तथा निर्भरता को समझने का प्रयास किया जाता है और उसको स्पष्ट करने हेतु कौशल, अभिवृत्ति तथा मूल्यों का विकास करते हैं। यह निर्णय लिया जाता है कि क्या किया जाये, जिससे वातावरण की समस्याओं का समाधान किया जा सके और पर्यावरण में गुणवत्ता लायी जा सके।’’ पर्यावरण को निम्नांकित विशेषताओं के माध्यम से समझा जा सकता है– 1. पर्यावरण-शिक्षा विद्यार्थी को अपने आसपास होने वाले प्रदूषण को रोकने हेतु जागरूक बनाती है। 2. पर्यावरण अधिगत सामग्री को विषयगत रूप से व्यवस्थित किया जाता है। 3. पर्यावरण शिक्षा विद्यार्थी को जनतांत्रिक नागरिक बनाने में सहायता करती है। 4. पर्यावरण अधिगम बच्चों को अभिव्यक्ति के लिए गुंजाइश प्रदान करता है– मौखिक और लिखित और अन्य रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ आदि। 5. पर्यावरणीय शिक्षा हमारे जीवन मे पेड़-पौधों एवं वनों के महत्व को स्पष्ट करती है। 6. विभिन्न प्रकार के उद्योगों तथा फैक्ट्रियों से निकलने वाले अवशिष्ट तथा विषैली गैसों से उत्पन्न समस्याओं के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी पर्यावरणीय शिक्षा के माध्यम से मिलती हैं।