Correct Answer:
Option A - ध्रुपद, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सबसे प्राचीन और भव्य शैलियों में से एक है, जिसका उल्लेख नाट्यशास्त्र (200 ईसा पूर्व-200 ईस्वी) में मिलता है। इसे एक काव्य रूप में शामिल किया गया है, जो राग के सटीक और व्यवस्थित विस्तार द्वारा चिह्नित है। इसके रचित छंद से पहले की प्रस्तुति को अलाप कहा जाता है, जबकि चरण, वर्णम और पल्लवी कर्नाटक संगीत का हिस्सा है।
A. ध्रुपद, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सबसे प्राचीन और भव्य शैलियों में से एक है, जिसका उल्लेख नाट्यशास्त्र (200 ईसा पूर्व-200 ईस्वी) में मिलता है। इसे एक काव्य रूप में शामिल किया गया है, जो राग के सटीक और व्यवस्थित विस्तार द्वारा चिह्नित है। इसके रचित छंद से पहले की प्रस्तुति को अलाप कहा जाता है, जबकि चरण, वर्णम और पल्लवी कर्नाटक संगीत का हिस्सा है।