Correct Answer:
Option A - अपकिरण माप को द्वितीय श्रेणी का माध्य (Average of Second Order) भी कहा जाता है, क्योंकि अपकिरण की माप ज्ञान करने के लिए सर्वप्रथम श्रेणी का समान्तर माध्य ज्ञात किया जाता है और बाद में माध्य से प्रत्येक मूल्य के अन्तर को ज्ञात किया जाता है। इस प्रकार माध्य से ज्ञात किए गए विचलनों का माध्य अपकिरण (Dispersion) कहलाता है। अपकिरण के प्रमुख माप निम्नलिखित है-
i. विस्तार
ii.माध्य विचलन
iii. चतुर्थक विचलन
iv. मानक विचलन
v. अन्तर चतुर्थक विस्तार
विषमता श्रेणी के वितरण से सम्बन्धित है।
अत: विषमता अपकिरण की एक माप नहीं है।
A. अपकिरण माप को द्वितीय श्रेणी का माध्य (Average of Second Order) भी कहा जाता है, क्योंकि अपकिरण की माप ज्ञान करने के लिए सर्वप्रथम श्रेणी का समान्तर माध्य ज्ञात किया जाता है और बाद में माध्य से प्रत्येक मूल्य के अन्तर को ज्ञात किया जाता है। इस प्रकार माध्य से ज्ञात किए गए विचलनों का माध्य अपकिरण (Dispersion) कहलाता है। अपकिरण के प्रमुख माप निम्नलिखित है-
i. विस्तार
ii.माध्य विचलन
iii. चतुर्थक विचलन
iv. मानक विचलन
v. अन्तर चतुर्थक विस्तार
विषमता श्रेणी के वितरण से सम्बन्धित है।
अत: विषमता अपकिरण की एक माप नहीं है।