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Q: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए– 1. विश्व की सर्वाधिक प्रवाल भित्तियाँ उष्णकटिबंधीय सागर जलों में मिलती हैं। 2. विश्व की एक-तिहाई से अधिक प्रवाल भित्तियाँ ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और फिलीपीन्स के राज्य-क्षेत्रों में स्थित हैं। 3. उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों की अपेक्षा, प्रवाल भित्तियाँ कहीं अधिक संख्या में जन्तु संघों का परपोषण करती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
Correct Answer: Option D - प्रवाल मुख्य रूप से उष्णकटिबन्धीय महासागरों में जाये जाते हैं, क्योंकि इनको जीवित रहने के लिए (20º–21ºC) तापक्रम आवश्यक होता है 200 से 250 फीट (60–77 मीटर) से अधिक गहराई में प्रवाल मर जाते हैं। प्रवाल के समुचित विकास के लिए सागरीय लवणता 27% से 30% होनी चाहिए। विश्व की एक तिहाई से अधिक प्रवाल भित्तियाँ ऑस्ट्रेलिया , इण्डोनेशिया और फिलीपीन्स के राज्य क्षेत्रों में स्थित हैं। उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों की अपेक्षा, प्रवाल भित्तियाँ कहीं अधिक संख्या में जन्तु संघों का परपोषण करती हैं, क्योंकि प्रवालों की 1000000 प्रजातियाँ है, जिनमें से केवल 10 प्रतिशत प्रजातियों का ही अध्ययन किया है।
D. प्रवाल मुख्य रूप से उष्णकटिबन्धीय महासागरों में जाये जाते हैं, क्योंकि इनको जीवित रहने के लिए (20º–21ºC) तापक्रम आवश्यक होता है 200 से 250 फीट (60–77 मीटर) से अधिक गहराई में प्रवाल मर जाते हैं। प्रवाल के समुचित विकास के लिए सागरीय लवणता 27% से 30% होनी चाहिए। विश्व की एक तिहाई से अधिक प्रवाल भित्तियाँ ऑस्ट्रेलिया , इण्डोनेशिया और फिलीपीन्स के राज्य क्षेत्रों में स्थित हैं। उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों की अपेक्षा, प्रवाल भित्तियाँ कहीं अधिक संख्या में जन्तु संघों का परपोषण करती हैं, क्योंकि प्रवालों की 1000000 प्रजातियाँ है, जिनमें से केवल 10 प्रतिशत प्रजातियों का ही अध्ययन किया है।

Explanations:

प्रवाल मुख्य रूप से उष्णकटिबन्धीय महासागरों में जाये जाते हैं, क्योंकि इनको जीवित रहने के लिए (20º–21ºC) तापक्रम आवश्यक होता है 200 से 250 फीट (60–77 मीटर) से अधिक गहराई में प्रवाल मर जाते हैं। प्रवाल के समुचित विकास के लिए सागरीय लवणता 27% से 30% होनी चाहिए। विश्व की एक तिहाई से अधिक प्रवाल भित्तियाँ ऑस्ट्रेलिया , इण्डोनेशिया और फिलीपीन्स के राज्य क्षेत्रों में स्थित हैं। उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों की अपेक्षा, प्रवाल भित्तियाँ कहीं अधिक संख्या में जन्तु संघों का परपोषण करती हैं, क्योंकि प्रवालों की 1000000 प्रजातियाँ है, जिनमें से केवल 10 प्रतिशत प्रजातियों का ही अध्ययन किया है।