Correct Answer:
Option B - विद्यालय प्रबंधन एक विशिष्ट प्रक्रिया है, जिसका कार्य विद्यालय के मानवीय एवं भौतिक संसाधनों को ऐसी गतिशील संगठन इकाइयों में परिवर्तित करना है; जिसके द्वारा उद्देश्यों की पूर्ति हेतु इस प्रकार के कार्य किया जा सके जिनके लिए प्रबंध किया जा रहा है अर्थात् शिक्षार्थियों के लिये, उन्हेें सन्तुष्टि प्राप्त हो सके तथा जो कार्य कर रहे है, उनमें उच्च नैतिक स्तर बनाये रखते हुए उत्तरदायित्व निभाने की भावना भी बनी रहें। इसके अन्तर्गत निम्न कार्य है-
1. शिक्षाविदों द्वारा बनाये गये लक्ष्यों की निष्ठापूर्वक पूर्ति करना।
2. मिलजुल कर रहने की कला सिखाना।
3. निर्माण गतिविधियों का पर्यवेक्षण करना।
4. विद्यालय को सामुदायिक केन्द्र के रूप में बनाना।
5. विभिन्न विषयों में बच्चों के विकास की निगरानी करना।
6. शिक्षा सम्बन्धी प्रयोग तथा अनुसंधान के लिये समुचित व्यवस्था करना।
इस प्रकार केवल II स्कूल प्रबंधन समिति का कार्य नहीं है।
B. विद्यालय प्रबंधन एक विशिष्ट प्रक्रिया है, जिसका कार्य विद्यालय के मानवीय एवं भौतिक संसाधनों को ऐसी गतिशील संगठन इकाइयों में परिवर्तित करना है; जिसके द्वारा उद्देश्यों की पूर्ति हेतु इस प्रकार के कार्य किया जा सके जिनके लिए प्रबंध किया जा रहा है अर्थात् शिक्षार्थियों के लिये, उन्हेें सन्तुष्टि प्राप्त हो सके तथा जो कार्य कर रहे है, उनमें उच्च नैतिक स्तर बनाये रखते हुए उत्तरदायित्व निभाने की भावना भी बनी रहें। इसके अन्तर्गत निम्न कार्य है-
1. शिक्षाविदों द्वारा बनाये गये लक्ष्यों की निष्ठापूर्वक पूर्ति करना।
2. मिलजुल कर रहने की कला सिखाना।
3. निर्माण गतिविधियों का पर्यवेक्षण करना।
4. विद्यालय को सामुदायिक केन्द्र के रूप में बनाना।
5. विभिन्न विषयों में बच्चों के विकास की निगरानी करना।
6. शिक्षा सम्बन्धी प्रयोग तथा अनुसंधान के लिये समुचित व्यवस्था करना।
इस प्रकार केवल II स्कूल प्रबंधन समिति का कार्य नहीं है।