Correct Answer:
Option C - किसी व्यक्ति अथवा वस्तु का मूल गुण या प्रकृति उसका स्वभाव कहलाता है। यह व्यक्ति या वस्तु में हमेशा एक जैसा रहनेवाला मुख्य गुण है। स्वभाव किसी व्यक्ति का वह मानसिक अवस्था है, जो उसमें जन्मजात होता है अर्थात् यह पूर्ण रूप से जैविक आधार होता है। स्वभाव से तात्पर्य है निजी भाव, जैसा कि कोई व्यक्ति भीतर से होता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, मनुष्य जैसा भाग्य लेकर आता है उसकी बुद्धि भी उसी समान बन जाती है, कार्य, व्यापार भी उसी अनुरूप मिलता है। उसके सहयोगी, संगी-साथी भी उसके भाग्य के अनुरूप ही होते हैं। मनुष्य का सारा क्रिया कलाप भाग्यानुसार चलता है।
C. किसी व्यक्ति अथवा वस्तु का मूल गुण या प्रकृति उसका स्वभाव कहलाता है। यह व्यक्ति या वस्तु में हमेशा एक जैसा रहनेवाला मुख्य गुण है। स्वभाव किसी व्यक्ति का वह मानसिक अवस्था है, जो उसमें जन्मजात होता है अर्थात् यह पूर्ण रूप से जैविक आधार होता है। स्वभाव से तात्पर्य है निजी भाव, जैसा कि कोई व्यक्ति भीतर से होता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, मनुष्य जैसा भाग्य लेकर आता है उसकी बुद्धि भी उसी समान बन जाती है, कार्य, व्यापार भी उसी अनुरूप मिलता है। उसके सहयोगी, संगी-साथी भी उसके भाग्य के अनुरूप ही होते हैं। मनुष्य का सारा क्रिया कलाप भाग्यानुसार चलता है।