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Q: मौर्य शासन में ग्राम अधिकारी होता था।
  • A. प्रादेशिक
  • B. ब्रजभूमिक
  • C. प्रदेष्टा
  • D. ग्रामिक
Correct Answer: Option D - मौर्यकाल में कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा लिखित अर्थशास्त्र से पता चलता है कि राज्य ग्रामीण जीवन में बहुत कम हस्तक्षेप करता था। शासन के सुविधा के लिए प्रांतों के उपविभाग किए गए थे। जो इस प्रकार थे – जनपद, द्रोणमुख, खार्वटिक तथा ग्राम। ग्राम का अधिकारी ग्रामिक कहलाता था।
D. मौर्यकाल में कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा लिखित अर्थशास्त्र से पता चलता है कि राज्य ग्रामीण जीवन में बहुत कम हस्तक्षेप करता था। शासन के सुविधा के लिए प्रांतों के उपविभाग किए गए थे। जो इस प्रकार थे – जनपद, द्रोणमुख, खार्वटिक तथा ग्राम। ग्राम का अधिकारी ग्रामिक कहलाता था।

Explanations:

मौर्यकाल में कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा लिखित अर्थशास्त्र से पता चलता है कि राज्य ग्रामीण जीवन में बहुत कम हस्तक्षेप करता था। शासन के सुविधा के लिए प्रांतों के उपविभाग किए गए थे। जो इस प्रकार थे – जनपद, द्रोणमुख, खार्वटिक तथा ग्राम। ग्राम का अधिकारी ग्रामिक कहलाता था।