Correct Answer:
Option B - यह प्रश्न गणितीय चिंतन के विकास की दिशा को लेकर है।
गणितीय चिंतन विशेष से सामान्य की ओर जाता है और फिर सामान्य से विशिष्ट की ओर प्रयोगात्मक वापसी भी करता है।
c (मूर्त परिस्थितियों) से शुरुआत होती है (जैसे जीवन में कोई उदाहरण)।
a (अमूर्त अवधारणाओं) की ओर बढ़ते हैं (जैसे संख्याएँ गुणा आदि)।
b (व्यापक विचार) की ओर बढ़ते हैं (जैसे गणितीय नियम)।
फिर उसे S (विशिष्ट स्थितियों) में लागू करते हैं।
B. यह प्रश्न गणितीय चिंतन के विकास की दिशा को लेकर है।
गणितीय चिंतन विशेष से सामान्य की ओर जाता है और फिर सामान्य से विशिष्ट की ओर प्रयोगात्मक वापसी भी करता है।
c (मूर्त परिस्थितियों) से शुरुआत होती है (जैसे जीवन में कोई उदाहरण)।
a (अमूर्त अवधारणाओं) की ओर बढ़ते हैं (जैसे संख्याएँ गुणा आदि)।
b (व्यापक विचार) की ओर बढ़ते हैं (जैसे गणितीय नियम)।
फिर उसे S (विशिष्ट स्थितियों) में लागू करते हैं।