Correct Answer:
Option D - बदायूं दरवाजा की पहचान इब्न-ए-बतूता द्वारा दिल्ली की रक्षा दीवार में सबसे बड़े द्वार के रूप में की गई है। इब्न बतूता द्वारा अरबी भाषा में लिखा गया उसका यात्रा वृतांत जिसे ‘रेहला’ कहा जाता है चौदहवीं शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप के सामाजिक तथा सांस्कृतिक जीवन के विषय में बहुत ही प्रचुर तथा रोचक जानकारियाँ देता है। यह मोरक्को का निवासी था।
D. बदायूं दरवाजा की पहचान इब्न-ए-बतूता द्वारा दिल्ली की रक्षा दीवार में सबसे बड़े द्वार के रूप में की गई है। इब्न बतूता द्वारा अरबी भाषा में लिखा गया उसका यात्रा वृतांत जिसे ‘रेहला’ कहा जाता है चौदहवीं शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप के सामाजिक तथा सांस्कृतिक जीवन के विषय में बहुत ही प्रचुर तथा रोचक जानकारियाँ देता है। यह मोरक्को का निवासी था।