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Q: अभिज्ञानशाकुन्तल के नान्दीपाठ में भगवान शिव की मूर्तियाँ निर्दिष्ट हैं
  • A. पाँच
  • B. नव
  • C. ग्यारह
  • D. आठ
Correct Answer: Option D - अभिज्ञानशाकुन्तल के नान्दीपाठ में भगवान शिव की मूर्तियाँ निर्दिष्ट हैं- आठ। ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ के मङ्गलाचरण में ‘‘या सृष्टि: स्त्रष्टुराद्या ------प्रपन्नस्तनुभिरवतु वस्ताभिरष्टाभिरीश:।।’’अर्थात् वायुरूप मूर्ति उन प्रत्यक्ष आठ मूर्तियों से युक्त भगवान शिव आप लोगों की रक्षा करें। अत: प्रस्तुत पद्य में अष्टमूर्ति भगवान शिव की स्तुति की गयी है।
D. अभिज्ञानशाकुन्तल के नान्दीपाठ में भगवान शिव की मूर्तियाँ निर्दिष्ट हैं- आठ। ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ के मङ्गलाचरण में ‘‘या सृष्टि: स्त्रष्टुराद्या ------प्रपन्नस्तनुभिरवतु वस्ताभिरष्टाभिरीश:।।’’अर्थात् वायुरूप मूर्ति उन प्रत्यक्ष आठ मूर्तियों से युक्त भगवान शिव आप लोगों की रक्षा करें। अत: प्रस्तुत पद्य में अष्टमूर्ति भगवान शिव की स्तुति की गयी है।

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अभिज्ञानशाकुन्तल के नान्दीपाठ में भगवान शिव की मूर्तियाँ निर्दिष्ट हैं- आठ। ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ के मङ्गलाचरण में ‘‘या सृष्टि: स्त्रष्टुराद्या ------प्रपन्नस्तनुभिरवतु वस्ताभिरष्टाभिरीश:।।’’अर्थात् वायुरूप मूर्ति उन प्रत्यक्ष आठ मूर्तियों से युक्त भगवान शिव आप लोगों की रक्षा करें। अत: प्रस्तुत पद्य में अष्टमूर्ति भगवान शिव की स्तुति की गयी है।